सार्वजनिक अवकाश के बावजूद कार्यालय खोलकर तैयारी में जुटे रहे।
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पडरौना। जिले के 1121 ग्राम पंचायतों में से 30 गांवों को 24 अप्रैल तक खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसकी रणनीति तैयार की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।
डीएम शंभू कुमार खुद 24 अप्रैल को स्वच्छ भारत मिशन के तहत 30 गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) होने के रूप में घोषित करेंगे। उधर, प्रमुख सचिव पंचायतीराज चंचल तिवारी की ओर से जारी दिशा निर्देश को अमल में लाने के लिए डीएम के निर्देश के बाद विभाग के अधिकारी बृहस्पतिवार को सार्वजनिक अवकाश के बावजूद कार्यालय खोलकर तैयारी में जुटे रहे।
खास बात यह है कि पंचायतराज विभाग अभी 30 गांवों को चिह्नित भी नहीं कर पाया है। इसीलिए अधिकारी मातहतों के साथ बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन तैयारी में जुटे रहे। शासन स्तर से जिले के 1121 ग्राम पंचायतों में से फिलहाल 60 गांवों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्त रखने का लक्ष्य दिया गया है।
शासन स्तर से निर्देश आने तथा बुधवार को दिन में वीडीओ कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रमुख सचिव पंचायतीराज चंचल तिवारी की तरफ से डीएम को 24 अप्रैल को 30 गांवों को खुले में शौच से मुक्त गांव के रूप में घोषित करने संबंधी दिशा निर्देश दिए जाने के बाद विभागीय अधिकारियों की सक्रियता बढ़ गई है।
इसीलिए अंबेडकर जयंती पर अवकाश के बावजूद डीपीआरओ कार्यालय खुलवाकर मातहतों के साथ बैठक कर 30 गांवों को चिह्नित कराने में जुटे थे। ताकि सूची को अंतिम रूप देकर तत्काल चिह्नित गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने की तैयारी की जा सके। डीपीआरओ आरके भारती ने स्वीकार किया कि अभी सूची को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
उनका कहना था कि सूची को जल्द अंतिम रूप देकर 24 अप्रैल से पहले संबंधित गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने की तैयारी पूरी कर ली जाएगी। उधर, डीएम शंभू कुमार का कहना है कि 24 अप्रैल को चिह्नित गांवों को खुले में शौच से मुक्त हो जाने की घोषणा तो की ही जाएगी, साथ ही जल्द ही जिले के कुछ और गांव भी खुले में शौच से मुक्त हो जाने की घोषणा की जाएगी।