नापजोख करती राजस्व विभाग की टीम।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
पडरौना। बंद पड़ी पडरौना चीनी मिल की संपत्ति और परिसंपत्ति के आंकलन के लिए शनिवार को दो तहसीलों की राजस्व टीमें पहुंचीं। इन टीमों ने चीनी मिल, केन यार्ड और आवासीय जमीन की पैमाइश की।
कानपुर सुगर वर्क्स की इस चीनी मिल की नीलामी के लिए 25 बार बोली लगने के बाद भी अभी कोई नतीजा नहीं निकल सका है। 25वीं बार की नीलामी में इसकी सर्वाधिक बोली लगने के बाद क्रेता कंपनी शोभित सुगर एंड पॉवर डिस्टीलरी लखनऊ के वजूद पर ही उंगली उठने के बाद प्रशासन ने नीलामी की प्रक्रिया स्थगित कर दी थी। अब 26वीं बार निलामी की जाएगी, जिसकी तैयारी में प्रशासन जुट गया है।
पडरौना चीनी मिल के पूर्व में संचालक रह चुके जवाहर जायसवाल से गन्ना किसानों का करीब छह करोड़ रुपये बकाया वसूलने के लिए एसडीएम सदर अजय नारायण सिंह, सीओ सदर नितेश प्रताप सिंह और पडरौना के कोतवाल विजयराज सिंह कुछ दिन पहले ही वाराणसी भी गए थे। वहां जवाहर जायसवाल के होटल पर छापा मारा था और बकाया रकम का भुगतान न करने पर उनकी संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी दी थी। वहां से आने के बाद पडरौना के कोतवाल ने बताया था कि छह करोड़ रुपये में से करीब सवा तीन करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं।
एसडीएम सदर अजय नारायण सिंह ने बताया कि फैक्ट्री का गाटा मालूम करने के लिए पैमाइश कराई गई। इसमें पडरौना और हाटा की राजस्व टीमें शामिल थीं। अभी राजस्वकर्मियों से रिपोर्ट नहीं मिली है। पैमाइश के दौरान एसडीएम सदर के अलावा राजस्व निरीक्षक पडरौना गजाधर प्रसाद, पडरौना के लेखपाल नीलेश रंजन राव, रामकोला शहर के लेखपाल योगेंद्र गुप्ता, जंगल विशुनपुरा की लेखपाल सुनीता सिंह, साहबगंज के रंजीत जायसवाल, बेलवा मिश्र के जगजीत राव, सोहरौना के मनीष कुमार राव और नोनियापट्टी के लेखपाल राजेंद्र चौबे मौजूद थे।