नेबुआ रायगंज। तीन साल पहले तय रिश्ते में दहेज बाधक बन गई और शादी नहीं हो सकी। इधर युवक और युवती आपस में मोबाइल पर बातचीत करने का सिलसिला शुरू किए तो दोनों में प्रेम संबंध स्थापित हो गया। दो दिन पूर्व युवक मिलने के लिए युवती के घर पहुंच गया तो उसके परिजनों ने युवक को बैठा लिया। सूचना पर युवक के परिजन पहुंचे तो दोनों ने साथ रहने की बात कहने लगे। अंत में सारी बाधा दूर हो गई और दोनों के परिजन राजी हो गए। बाद में दोनों की मंदिर में शादी कराई गई।
नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के किशुनपुर विजयपुर निवासी सिताम्बर प्रसाद अपनी 20 वर्षीय पुत्री रूबी की शादी के सिलसिले से तीन साल पहले कसया क्षेत्र के साखोपार निवासी 24 वर्षीय रामेश्वर पुत्र हरि के पास गए थे। शादी में दहेज रुकावट बन गया लेकिन मोबाइल पर युवक और युवती की बातचीत होती रही। दोनों के बीच प्रेम संबंध बढ़ गया और दो साल से वह एकदूसरे को मिलने लगे। युवक 24 मार्च को युवती से मिलने उसके घर पहुंच गया। युवती के परिजनों ने युवक को बैठा लिया और उसके घर वालों को सूचना दी। युवक के परिजन युवती के घर पहुंचे जहां दोनों साथ-साथ जीने मरने की बात कहीं। अंत में दोनों के परिजनों को झुकना पड़ा और बिना दहेज के मंदिर में उनकी शादी कराई गई। नेबुआ रायगंज स्थित रामजानकी मंदिर में दोनों की हुई शादी के दौरान मौजूद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कृष्ण मुरारी, पूर्व प्रधान रामगोपाल गुप्ता आदि ने आशीर्वाद दिया।