दो किमी दूरी तय करने में लग जाते हैं 30 मिनट
सुभाष चौक से अंबे चौक तक अक्सर लगता है जाम
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। शहर के सुभाष चौक से लेकर अंबे चौक तक करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को 30 मिनट लग जाते हैं। इसकी वजह आए दिन यातायात जाम होना बताया जा रहा है। सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण और यातायात नियमों की अनदेखी भी इस समस्या का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
भगवान बुद्ध, बाबा सिद्धनाथ, शाह बूढ़न पीर व बाबा कुबेरनाथ जैसे सिद्ध पीठों से चारों तरफ से घिरे पडरौना शहर के लोग यातायात जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। सुचारु यातायात के जिम्मेदार लोग इस समस्या के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं, जिसका खामियाजा जन सामान्य को जाम की समस्या से जूझकर भुगतना पड़ रहा है। सरकारी और निजी बैंकों के साथ-साथ वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की भरमार होने के बावजूद पार्किंग का कहीं इंतजाम नहीं है। ऐसे में ग्राहकों को सड़क पर ही अपने वाहन खड़े करने पड़ते हैं। घंटों वाहन खड़े रहने से शहर में हर दिन जाम लगा रहता है। सबसे खराब स्थिति तो शहर से गुरजने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-28 बी का है। कोई अजनबी अगर इस मार्ग पर आ जाए, तो उसे सहज ही विश्वास नहीं होगा कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग है या किसी शहर की संकरी गली। एनएच 28 बी की पटरियों पर अतिक्रमण तो हुआ ही है, साथ ही सड़क पर दोनों तरफ खड़े टेंपो व टैक्सी राजमार्ग को संकरी करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी तरह सुभाष चौक से अंबे चौक तक पहुंचने के लिए रेलवे क्रासिंग, कोतवाली रोड, धर्मशाला मोड़, तिलक चौक, छुछिया गेट, जटहां मार्ग पर हर दिन सुबह नौ बजे से जाम लगना शुरू हो जाता है। राहगीर समीर मिश्रा का कहना है कि सुभाष चौक पर पुलिस बूथ होने के बाद भी हर दिन जाम लग जाता है। यहां सड़क की पटरियों पर कई व्यापारियों ने अतिक्रमण कर लिया है, जिससे यह समस्या उत्पन्न हो रही है। शिव प्रताप वर्मा का कहना है कि तिलक चौक पर फल व्यवसायियों के अतिक्रमण के चलते यहां जाम लगना आम बात हो गई है। राहगीर आलोक मिश्र का कहना है कि शहर में लगातार दुकानों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते लोग अपने वाहनों को सड़क की पटरियों पर खड़ा करते हैं। जिससे जाम की दुश्वारियों से लोगों को जूझना पड़ता है। हैप्पी शुक्ला का कहना है कि बेलवा चुंगी पर सुबह के वक्त सब्जी व्यापारी अपनी दुकान सड़क पर ही लगाते हैं, जिसके चलते इधर से भी गुजरना कठिन हो जाता है। जिम्मेदारों को इसके लिए कोई उपाय करना चाहिए।
यातायात सब इंस्पेक्टर परमहंस जाम की समस्या के लिए लोगों को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि लोग नियमों की अनदेखी करते हैं। सभी को जल्दी रहती है। इसी वजह से जाम लगता है। नियमों की अनदेखी करने वालों के वाहनों का चालान अथवा सीज करने की कार्रवाई भी की जाती है। चेयरमैन विनय जायसवाल बताते हैं कि छोटा शहर है। लोग अनियमित तरीके से वाहनों को बेतरतीब तरीके से खड़ी कर देते हैं। इसकी वजह से भी जाम लगता है। जहां तक अतिक्रमण की बात है तो इसे हटवाने की रणनीति तैयार की जा रही है।