पिपरा बाजार (कुशीनगर) । मछली पकड़ने के लिए कुछ लोगों ने कौवासार ड्रेन में जगह-जगह बांध बनाकर पानी का बहाव रोक दिया है। इससे ड्रेन का पानी ओवरफ्लो कर किसानों के गन्ने के खेतों में भर गया है। इसके चलते रामकोला, विशुनपुरा और नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के कई गांवों के किसानों की फसल बर्बाद हो रही है।
कौवासार ड्रेन के किनारे रामकोला ब्लॉक के भुईसोहरा, विशुनपुरा ब्लॉक के परगना छपरा, माधोपुर गौजही, नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के बंधवा सहित हनुमानगंज, माघी मठिया, रायगंज, सेखुई बाजार आदि गांवों के खेत हैं, जिनमें किसानों ने गन्ना की खेती की है। मछली पकड़ने के लिए कुछ लोगों ने इस ड्रेन में जगह-जगह बांध बनाकर पानी का प्रवाह रोक दिया है।
इस वजह से किसानों के खेतों में ड्रेन का पानी भर गया है। किसानों ने पूर्व में इसकी शिकायत की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। कौवासार ड्रेन की लंबाई लगभग 25 किलोमीटर है। प्रभावित किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो पानी का प्रवाह अवरुद्ध होने के कारण दस हजार हेक्टेयर से भी अधिक क्षेत्र की फसलों का नुकसान होगा।
इस समस्या से निजात दिलाने के लिए बंधवा गांव के 35 काश्तकारों ने एक बार फिर रामकोला के एसओ को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। बंधवा गांव के विजय बहादुर यादव, राजनारायण मणि त्रिपाठी, महंत यादव, त्रिपुरारी पांडेय, गुलाब यादव, विकास, मनोज, रामदुलारे आदि किसानों के मुताबिक उनके गांव के करीब मछली के शिकारियों ने कौवासार ड्रेन में बांध बना दिए हैं।
रामकोला चीनी मिल में आगामी सप्ताह में पेराई शुरू होनी है, जबकि खेतों में पानी लगे रहने से लोगों के लिए गन्ने की छिलाई अथवा ढुलाई मुश्किल है। इसके अलावा तैयार फसल में पानी जमा होने से गन्ना सूखने की आशंका बन गई है। जिन किसानों को गन्ना, गेहूं, सरसों आदि की बुवाई करनी है, उनके खेतों में भी पानी जमा होने से विलंब होना तय है।
परगन छपरा गांव के प्रभाष चंद्र मिश्र, जयशंकर मिश्र, महेंद्र राजभर, दयाशंकर मिश्र आदि ने बताया कि बीते सितंबर-अक्तूबर में कप्तानगंज के एसडीएम के निर्देश पर मेंहदीगंज से लगायत पथरदेवा गांवों के बीच कौवासार ड्रेन में बांधे गए बांध तोड़ दिए गए, लेकिन मछली पकड़ने वालों ने फिर नए बांध बना लिए हैं। बंधवा गांव के लोगों ने अपने ही गांव के एक व्यक्ति पर अबकी बार बांध बनाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में एसडीएम पडरौना अजय नारायण सिंह का कहना है कि एसओ को भेजकर बंधे तोड़वा दिए जाएंगे। किसानों का नुकसान नहीं होगा।