अहिरौलीदान के डीह टोला में बाढ के चलते गांव से पलायन करते लोग।
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गंडक नदी के दियारा क्षेत्र में खेती देखने गए 200 लोग बाढ़ में फंसे
दुदही/बरवापट्टी (कुशीनगर)। गंडक की कटान के चलते विस्थापित हो चुके करीब 200 परिवारों के लोग शनिवार से गंडक नदी के दियारा में अपने खेतों के पास फंसे हुए हैं। विस्थापित हो चुके लोगों की खेती नदी द्वारा बीच-बीच में छोड़ी गई जमीन पर है जहां ये लोग शनिवार को गए थे। परंतु बहाव तेज होने के कारण अब वापस नहीं लौट पा रहे हैं। इन लोगों ने अपने परिजनों के माध्यम से प्रशासन से गुहार लगाई है।
दुदही ब्लॉक की ग्राम पंचायत अमवां खास के टोला रक्तहिया, गोखुला, हरपुर, मुजौना, महुहवां, भगवानपुर और संपूर्णानंद टोला नारायणी नदी के बीच में स्थित है। हालांकि इन गांवों के लोग वर्ष 1984 की बाढ़ में ही वहां से विस्थापित हो गए थे। अब ये लोग दशहवा, बैकुंठपुर, बभनौली, दुदही आदि स्थानों पर घर बनाकर रहते हैं। लेकिन आज भी पुराने गांव से इनका संबंध बना हुआ है। नदी की धारा बदलने से इनकी खेती वाली जमीन अब पानी से बाहर है। लिहाजा इन लोगों ने पुराने गांव में छोटी-छोटी झोपड़ी डाल रखी है जहां वे लोग दिन में रुककर खेती का काम करते हैं।शुक्रवार को गंडक नदी में पानी कम था तो करीब 200 परिवारों के लोग नाव से नदी पार करके अपने घोठे पर चले गए। लेकिन शनिवार की रात में नदी की जलस्तर काफी बढ़ गया। बहाव तेज होने के चलते ये लोग वापस नहीं लौट पाए।
इस संबंध में बरवापट्टी एसओ नन्दा प्रसाद का कहना है कि जानकारी मिली है। बड़ी नाव वालों को बुलाया गया है। सभी को वहां से सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है।