पडरौना। कोतवाली क्षेत्र की एक किशोरी का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और अनैतिक व्यापार करने के मामले में न्यायालय मंगलवार को सजा सुना दी। दोनों आरोपियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास और 49 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। मुकदमे के दौरान एक अभियुक्त की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दे दिया गया।
अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी विशेष शासकीय अधिवक्ता संजय कुमार तिवारी ने की। उन्होंने बताया कि वादी ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था कि वह 9 सितंबर 2016 को अपने काम पर गया था। उसकी 16 साल की बेटी घर पर अकेली थी। जब वह काम से घर आया तो उसकी लड़की घर पर नहीं थी। कई जगह खोजबीन किया, लेकिन लड़की नहीं मिली। पूर्व में पडरौना कोतवाली क्षेत्र के छोटे उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ किया था और रास्ता घेरता था। उन्होंने उस पर अपनी पुत्री के अपहरण की आशंका जताते हुए एसपी से शिकायत की थी। पुलिस ने अपहरण और पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया था। विवेचना के बाद आरोपी राजेश चौहान, रामप्रवेश और जवाहिर निवासी जंगल विशुनपुरा थाना कोतवाली पडरौना व कैलाश चौधरी निवासी कल्याणपुरी थाना लक्ष्मणगढ़ जिला सीकर राजस्थान के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म, पाॅक्सो एक्ट व अनैतिक व्यापार अधिनियम में केस दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। उस मुकदमे की विवेचना मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट मोहम्मद राशिद के न्यायालय में हुई। मुकदमे के दौरान कैलाश चौधरी की मौत हो चुकी है। साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी राजेश चौहान व रामप्रवेश को अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और अनैतिक व्यापार अधिनियम में दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास और कुल 49 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। आरोपी जवाहिर को साक्ष्य के आभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है।