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पिपराघाट सहित कई गांवों की फसलें डूबीं

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बड़ी गंडक के बाद अब बांसी नदी उफनाई,
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खेतों में भरा पानी, किसानों को सताने लगी चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। बड़ी गंडक के बाद अब बांसी नदी के भी उफना जाने से पिपराघाट सहित कई गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिपराघाट के कई टोलों में पानी घुस गया है। वहीं गन्ना और धान की फसलें जलमग्न होने से किसानों को अपनी फसलों के नुकसान होने की चिंता सताने लगी है।
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पिछले एक माह से बाल्मीकिनगर बैराज से बड़ी गंडक नदी में छोड़े जाने वाले पानी में उतार-चढ़ाव के चलते क्षेत्र के लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। तीन दिन पहले भी बड़ी गंडक नदी में दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से नदी के किनारे बसे पिपराघाट, परसा, मुसहर टोला, हनुमान टोला, दहारी टोला, जयपुर, बेनिया पिपरा, ब्रह्मपुर, पिरोजहां, राजपुर बगहां, रानीगंज, नरवाटोला, गोलाघाट, जोगनी, तवकल टोला, मलाही टोला, घाट टोला, टिकुलिया, राजपुर खास, बिनटोली सहित सेवरही क्षेत्र के भी ढेर सारे किसानों के खेतों में पानी भर गया है। उनकी धान और गन्ना की फसलें जलमग्न हो गई हैं। बड़ी गंडक के बाद अब बांसी नदी के भी उफना जाने से इन गांवों के लोगों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि यदि उनके खेत में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति रहती है तो फसल के रूप में उनकी पूरी पूंजी डूब जाएगी। पिपराघाट के प्रभुनाथ यादव, ब्रह्मपुर के श्रीनिवास मिश्र, राजपुर बगहां के सुरेश पांडेय, टिकुलिया के विजयनाथ शाही सहित श्रीकांत मिश्र, विनोद खरवार, मथुरा सिंह, ध्रुव निषाद, सरल शर्मा आदि का कहना है कि इस क्षेत्र के लोगों का आर्थिक आधार खेती ही है, जो पहले बाढ़ और अब जलभराव के कारण बर्बाद होने के कगार पर है।
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