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बड़ी गंडक के बाद अब बांसी भी उफनाई, कई टोलों में घुसा पानी

Fri, 17 Aug 2018 11:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
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अहिरौलीदान के मुसहरटोला में घुसा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला
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बड़ी गंडक के बाद अब बांसी भी उफनाई, कई टोलों में घुसा पानी
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तमकुहीरोड। वाल्मीकिनगर बैराज से बड़ी गंडक में पानी अब कम मात्रा में छोड़े जाने के बाद भी मुसहर टोला सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे गांव के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। इन गांवों में जाने वाले सड़कों के ऊपर से भी पानी बह रहा था। दो मोबाइल टॉवरों के परिसर में भी पानी भर गया है। इन गांवों के लोगों ने तहसील प्रशासन से समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
पिपराघाट मुस्तकील और पिपराघाट एहतमाली सहित परसा उर्फ़ सिरसिया, राजपुर बगहां, राजपुर खास के कुछ गांव बड़ी गंडक और बांसी नदी के किनारे बसे हुए हैं। इन गांवों की भौगोलिक स्थिति यह है कि जब भी बड़ी गंडक में उफान आता है तो बांसी नदी के जलस्तर में भी वृद्धि हो जाती है। इससे इन गांवों के कई टोलों में पानी घुस जाता है। इन गांवों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो जाते हैं। यही नहीं बांसी नदी का पानी दमकल घाट और गोला घाट स्थित मोबाइल टावर में भी घुस गया है। बुधवार को बड़ी गंडक नदी में वाल्मीकिनगर बैराज से सवा दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया तो बांसी नदी भी उफान पर आ गई और मुसहर टोला, जयपुर, रानीगंज, नरवा टोला, चौकी टोला, हनुमान टोला, परसा अव्वल, उपाध्याय टोला, देवनारायण टोला, नरवाजोत, मोतीराय टोला, इमिलिया टोला, शिव टोला, मुसहर टोला सहित अन्य कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था। इससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई थीं। यहां तक कि देवनारायन टोला, इमिलिया टोला, शिव टोला, रानीगंज जाने वाली सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन भी प्रभावित होने लगा है। घरों में बाढ़ का पानी घुस जाने से प्रभावित विक्रम, सुकट, मैनावती, लालचंद, रामइकबाल, चंचली, लक्ष्मण, संजय, शिवजी, बंधु, रामदेव आदि ने जिन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। उन गांवों में तहसील प्रशासन से जरूरी इंतजाम कराए जाने की मांग की है।
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पांच गांवों के लोगों के बेघर होने के बाद जागी बाढ़खंड की संवेदना
तमकुहीरोड। पहले नोनियापट्टी और अब कचहरी टोला में भी बाढ़खंड ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है। शुक्रवार को भी कचहरीटोला में पक्के मकानों को तोड़ने और सामानों के साथ सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन करने का सिलसिला जारी रहा। गांववालों का आरोप है कि सबकुछ बर्बाद होने के बाद बचाव कार्य शुरू किया गया है। अहिरौलीदान के कचहरीटोला, नोनियापट्टी, हरिजन बस्ती, खैरखुटा, मदुरही आदि नदी क्षेत्र के पांच गांवों को पिछले पांच अगस्त से बड़ी गंडक क्षति पहुंचा रही है। अब तक एक सौ से अधिक लोगों के पक्के मकान तोड़े जा चुके हैं अथवा नदी की धारा में विलीन हो चुके हैं। इतनी तबाही के बाद भी शासन, प्रशासन और सिंचाई विभाग मौन साधे हुए था, लेकिन क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू के प्रयास के बाद अब कचहरी टोला में बोल्डर से कटान रोकने की कोशिश शुरू कर दी गई है, जबकि इसके पहले विभाग नोनियापट्टी और खैरखुटा में भी बचाव कार्य शुरू करा चुका है। बावजूद इसके कचहरीटोला में शुक्रवार को भी मकानो को तोड़ने और सामानों के साथ पलायन करने का सिलसिला जारी रहा। गांव के लोगों का कहना है कि अगर यही कार्य पहले कराया गया होता तो सैकड़ों लोगों को अपना मकान तोड़ने और पलायन करने के लिए विवश नहीं होना पड़ता। वहीं कुछ लोगों ने बाढ़खंड के इस बचाव कार्य को महज दिखावा बताया है। जिनके घर नदी की धारा में विलीन हो चुके है अथवा जो अपने घरों को तोड़कर पलायन कर चुके हैं उनमें हरिकृष्ण सिंह, सुजीत यादव, रबड़राम, सुशील सिंह, रामध्यान, संतोष, शिवदत्त, रामाज्ञा, प्रहलाद, सुकई, विंदेश्वरी सिंह आदि का कहना है कि अगर यही कार्य पहले शुरू कर दिया गया होता तो उन्हें अपना सब कुछ गंवाकर खानाबदोशों की तरह बाढ़ चौकियों और बंधों पर रहने के लिए विवश नहीं होना पड़ता।
 
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