बैंक कर्मियों के हड़ताल से दो अरब का व्यापार ठप
- शहर में लगे 40 एटीएम हो गए खाली, लोग परेशान
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक कर्मचारी तीन सूत्री मांगों को लेकर बुधवार से दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। इसके चलते उपभोक्ताओं को रुपये के लेन-देन में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। जिले में करीब दो अरब रुपये का व्यापार भी प्रभावित हुआ। बाजारों में खरीदारी करने आये लोगों को भी निराश होकर लौटना पड़ा। शहर में लगे तकरीबन 40 एटीएम में से सिर्फ एक एटीएम ही दोपहर तक चला। कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर लगी पीओएस मशीन से ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली।
बैंक कर्मचारी वेतन पुनरीक्षण, वेतन में पर्याप्त वृद्घि एवं अन्य सेवा शर्तों में सुधार, स्केल सात तक के सभी अधिकारियों को वेतन पुनरीक्षण समझौता में शामिल करने आदि की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। हड़ताल का सीधा असर व्यापारियों और ग्राहकों पर पड़ा। रुपये की लेन-देन और व्यापार पूरी तरह से प्रभावित रहा। ग्रामीण क्षेत्रों से बाजारों में खरीदारी करने आए लोगों को भी निराश होकर घर लौटना पड़ा। मंसाछापर के रवि, पडरौना के छोटे शर्मा, नवनीत तिवारी, चौराखास के नीरज मिश्र, गनेशी पट्टी के आलोक विश्वकर्मा, रोआरी के अमित गोड़ का कहना था कि बैंक में हड़ताल होने की जानकारी नहीं थी। वह बाजार में खरीददारी करने आये थ, लेकिन रुपये न मिलने के कारण उनकी खरीददारी नहीं हो सकी। वहीं रामधाम के रितेश, गोविंद, पडरौना के विनय, सरया के रवि चौहान का कहना था कि अगर एटीएम रुपये देते, तो दिक्कत नहीं होती। कहने के लिए शहर में एटीएम लगाया गया, रुपये एकाध ही एटीएम देते है।
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शाम के बाद खाली हो गए एटीएम:
शहर में यूं तो कहने के लिए 40 एटीएम लगे हैं, लेकिन इनमें से कुछ प्रमुख बैंकों के एटीएम से ही रुपये मिलता है। बुधवार को बैंकों की हड़ताल थी और 39 एटीएम भी खाली थे। बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से ग्राहकों को थोड़ी बहुत राहत मिली, लेकिन जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी हुई, तो यहां भी लंबी कतार लग गई और दोपहर बाद यह भी एटीएम खाली हो गया।
लीड बैंक मैनेजर बोले
जिले के अग्रणी बैंक के प्रबंधक एचएल कुशवाहा का कहना है कि सभी बैंकों का मिलाकर करीब दो अरब रुपये का कारोबार प्रभावित होगा। इसमें नकदी लेन-देन के अलावा कैश ट्रांजक्शन और चेक क्लीयरेंस भी शामिल है। हड़ताल के चलते एटीएम में भी नकदी डालने का कार्य प्रभावित है।
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गंगेश्वर त्रिपाठी।
बैंक बंद होने पर लोगों की प्रतिक्रिया...
दिलीप कुमार का कहना है कि बैंकों के दो दिवसीय हड़ताल के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में लगाए गए एटीएम भी खाली है। जिसके चलते लेन-देन की प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित है।
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रमेश वर्मा का कहना है कि रुपये नहीं होने की वजह से कई कार्य प्रभावित हो गए। कुछ सामान खरीदना था, जिसके लिए रुपयों की सख्त जरूरत थी। बैंक में हड़ताल की जानकारी के बाद एटीएम पर पहुंचे लेकिन वहां लंबी कतार थी।
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व्यापारी शिवकुमार श्रीवास्तव का कहना है कि हड़ताल से व्यापार पर असर पड़ा है। ग्राहक के पास रुपये नहीं होंगे, तो वह सामान की खरीददारी नहीं कर पाएगा। बैंकों की स्थिति सुधारने के लिए प्रयास करना चाहिए।
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व्यापारी शशि जायसवाल का कहना है कि शहर के प्रमुख बैंकों के एटीएम भी त्योहार या किसी अन्य ऐसे अवसर पर धोखा दे जाते हैं। कई का सर्वर डाउन रहता है, तो किसी में रुपये भी नहीं होते। बैंकों अधिकारियों को इस पर भी ध्यान देना चाहिए।
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गंगेश्वर त्रिपाठी।
दो दिन हड़ताल पर रहेंगे बैंककर्मी