कुशीनगर। जिले भर के समायोजित शिक्षा मित्रों ने समान कार्य का समान वेतन दिए जाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को भी उग्र प्रदर्शन किया। कुशीनगर में संगठन के जिलाध्यक्ष को हिरासत में लिए जाने की सूचना पर सभी समायोजित शिक्षा मित्र जनपद मुख्यालय रवींद्र नगर में पुलिस चौकी के सामने एकत्र हुए। नाराज शिक्षा मित्रों ने भाजपा के केंद्र और राज्य सरकार से संबंधित बैनर, पोस्टर, झंडे आदि फाड़ डाले और उसे आग के हवाले कर दिया। उसके बाद लाठी-डंडे लेकर पडरौना-कसया एनएच जाम कर दिया और धरना देने लगे।
समायोजित शिक्षक शिक्षा मित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जुटे शिक्षा मित्रों ने प्रदेश सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सरकार समान कार्य के समान वेतन के नाम पर केवल दस हजार रुपये दे रही है। यह शिक्षा मित्रों के सत्रह वर्षों के परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठा का अपमान है। नाराज शिक्षा मित्रों ने जाम स्थल से गुजर रहे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष लल्लन मिश्र की गाड़ी का शीशा और भाजपा का झंडा तोड़ दिया। महिला शिक्षा मित्र हाथ में डंडे लेकर आने-जाने वाले लोगों को पहले ही रोक दे रही थीं। सड़क जाम और धरना - प्रदर्शन करीब तीन घंटे तक चला। उसके बाद एएसपी हरि गोविंद और एसडीएम अजय नारायण सिंह के आश्वासन पर जाम समाप्त किया।
रवींद्र नगर के सड़क जाम और धरना - प्रदर्शन में देवकांत यादव, एजाज अहमद, संजय यादव, अशोक कुमार, सीमा आर्या, निर्मला देवी, संगीता राय, पूर्णिमा, पूनम पांडेय, मनोज पांडेय, गोपाल यादव, राजाराम, रमेश यादव, बबिता, सुनीता, राजकुमार, रवींद्र प्रसाद, चंद्रभूषण सहित काफी संख्या में शिक्षा मित्र शामिल थे।
कसया प्रतिनिधि के अनुसार बृहस्पतिवार को शिक्षा मित्र संगठन के जिलाध्यक्ष अखिलेश चतुर्वेदी की अगुवाई में लखनऊ जाने के लिए बैठक कर रणनीति बनाए जाने की भनक पुलिस को लग गई। इस पर पुलिस जिलाध्यक्ष समेत ब्लॉक अध्यक्ष कसया गोपाल यादव, रविंद्र प्रसाद और प्रतिभा राय को गांधी चौक से हिरासत में लेकर थाने ले आई। मामला तूल न पकड़े, इसलिए पुलिस इन लोगों को किसी अन्य जगह सुरक्षित पहुंचाने की कोशिश में जुटी थी कि शिक्षा मित्रों का एक विशाल हुजूम सरकारी बस अड्डे में एकत्र होकर थाने के घेराव के लिए चल दिया। इस बीच कसया पुलिस अपने वाहन में इन पदाधिकारियों को बैठाकर कहीं लेकर थाने से बाहर निकली ही थी कि शिक्षा मित्र वहां पहुंच गए। नाराज शिक्षा मित्र प्रदेश सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। यह देखकर पुलिस को सख्ती से शिक्ष ामित्रों के साथ पेश आना पड़ा। वहीं विरोध के बीच पुलिस इन पदाधिकारियों को बमुश्किल रोडवेज की बस में बैठाकर जिला मुख्यालय भेज सकी। इस दौरान पुलिस और शिक्षा मित्रों के बीच कई बार नोकझोंक और हाथापाई की भी नौबत आई। वहीं शिक्षा मित्रों ने करीब एक घंटे तक गांधी चौक पर जमकर बवाल काटा। इससे वहां पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। एसओ गजेंद्र राय का कहना था कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर पुलिस की तरफ से शिक्षा मित्रों के खिलाफ सख्त कदम उठाया गया।