हड़ताल के बाद ‘हड़ताल’ जैसे हालात
- लेखपालों की हड़ताल के चलते जिले भर में लंबित थे 20 हजार से अधिक आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। लेखपालों के चरणबद्ध आंदोलन तो समाप्त हो गया, लेकिन हड़ताल के दौरान लोगों के किए गए आवेदनों की संख्या और उसके सत्यापन की गति से लग रहा है कि अभी भी हड़ताल जैसे हालात हैं। जनपद की सभी छह तहसीलों को मिलाकर जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के करीब 20 हजार आवेदन लंबित थे, जिनका बुधवार से निस्तारण शुरू हुआ। दो दिनों में एक हजार से अधिक आवेदन पत्रों का निस्तारण किया गया है।
जुलाई के महीने में नामांकन के लिए विद्यार्थियों को जाति, आय और निवास प्रमाण पत्रों की ज्यादा आवश्यकता होती है। ऐसी दशा में इस महीने इन आवेदन पत्रों की तादाद बढ़ जाती है। चूंकि इसी महीने करीब एक माह तक लेखपालों ले चरणबद्घ आंदोलन कर दिया, इसलिए आवेदन पत्रों के निस्तारण की गति थम गई। हड़ताल से वापस आने के बाद बुधवार से लेखपालों ने आवेदन पत्रों का सत्यापन शुरू कर दिया। दो दिनों में करीब एक हजार आवेदन पत्र निस्तारित किए गए हैं। किस तहसील में कितने आवेदन पत्र
पडरौना तहसील में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के करीब सात हजार, खड्डा तहसील में 2200, कप्तानगंज तहसील में 3118, कसया तहसील में 1505, तमकुहीराज तहसील में 6650 मामलों का पंजीकरण किया गया थे। कमोबेश यही स्थिति हाटा तहसील क्षेत्र में भी है।