कुशीनगर। तहसील व ब्लॉक मुख्यालय के साथ-साथ महत्वपूर्ण व्यवसायिक केंद्र होने के बाद भी हाटा कस्बे में आज तक न बस स्टेशन बन सका और न ही टैक्सी स्टैंड पर शेड की व्यवस्था हो पाई। फोरलेन व अन्य प्रमुख मार्गों पर आवागमन के लिए यात्रियों को चिलचिलाती धूप व बारिश में भी खुले आकाश तले सड़क पर खडे़ रहकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। सड़क पर सवारियों का इंतजार करते लोगों को कई बार हादसों का भी शिकार होना पड़ा है, लेकिन न तो रोडवेज प्रशासन इस पर ध्यान दे रहा है और न ही स्थानीय प्रशासन।
फोरलेन स्थित हाटा कस्बा देवरिया जिले के कई प्रमुख कस्बों के नजदीक है। यहां से कप्तानगंज व पिपराइच के अलावा गौरी बाजार व देवरिया के लिए भी सवारी गाड़ियां चलती हैं। हर दिन सैकड़ों लोग अपने व्यवसायिक व अन्य जरूरतों के लिए यहां आते-जाते हैं। देवरिया जिले के 50 से अधिक गांवों के लोग फोरलेन पर यात्रा के लिए हाटा कस्बे में ही आते हैं। परंतु कस्बे में रोडवेज बस स्टेशन नहीं है। फोरलेन के जिस चौराहे को बस स्टेशन चौराहे के नाम से पुकार जाता है वहां सुविधा केवल इतनी भर है कि गोरखपुर तथा कसया की तरफ से आने-जाने वाली सभी बसें रुकती हैं। यात्री फोरलेन पर खड़े होकर इन बसों का इंतजार करते हैं और भीड़ अधिक होने पर दौड़ते ही बसों में चढ़ते हैं।
यही हाल प्राइवेट टैक्सी स्टैंडों का भी है। कस्बे में आठ जगहों से विभिन्न रूट के लिए टैक्सियां चलती हैं, लेकिन कहीं भी तो न तो यात्रियों के लिए शेड बना है और न ही स्वच्छ पेयजल या शौचालय का ही इंतजाम किया गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल टैक्सी स्टैंड की नीलामी से ही हाटा नगर पालिका को हर साल 25 लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी होती है। यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत गर्मी व बरसात के दिनों में होती है। चिलचिलाती धूप हो या फिर मूसलाधार बारिश, सड़क पर खड़े होकर ही सवारियों का इंतजार करना मजबूरी है।