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खागी मुंडेरा में 18 मवेशियों की मौत, कई बीमार

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खागी मुंडेरा में 18 मवेशियों की मौत, कई बीमार
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- जांच के लिए नमूना लैब भेजा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
सुकरौली। क्षेत्र के खागी मुंडेरा गांव में करीब दस दिनों के अंदर 18 मवेशियों की मौत हो चुकी है। कई मवेशी अभी बीमार हैं। स्थानीय स्तर पर बीमार मवेशियों के इलाज की व्यवस्था नहीं होने से पशुपालक चिंतित हैं।
सुकरौली ब्लॉक के खागी मुंडेरा गांव के रहने वाले परमहंस मल्ल की दो गाय कुछ दिनों पहले बीमार हुई। इसके बाद दोनों गायों की मौत हो गई। इसके बाद गांव के प्रदीप सिंह, अमित सिंह, संतोष सिंह, संतराज और हंसराज समेत कई लोगों के पशुओं की तबियत खराब हुई और उनकी मौत हो गई। पिछले 10 दिनों में 18 मवेशियों की मौत हो चुकी है। इस घटना से गांव सहित आसपास के पशुपालकों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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गांव के कमलेश सिंह, उग्रसेन, झुनझुन, संतोष, मुन्ना आदि ने कहा कि मवेशियों के बीमार होने और मरने का सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा है। गांव के प्रधान धर्मेंद्र पासवान ने कहा कि लगातार हो रही मौत से पशुपालकों में दहशत है। पशु अस्पताल सुकरौली के पशु चिकित्सक डॉ. रिजवान अंसारी ने कहा कि मामला संज्ञान में है। कुछ पशुओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। गांव में बीमार पशुओं का इलाज किया जा रहा है। पशुपालक अपने पशुओं को ठंड से बचाने का प्रबंध करें।
15 दिन में 54 मवेशियों की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
पिपरा बाजार। मोतीपुर गांव में 15 दिन के अंदर अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से 24 मवेशियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कई बीमार हैं। शनिवार को पशुपालन विभाग ने स्वास्थ्य टीम गांव में भेजकर बीमार पशुओं का उपचार कराया और पशुपालकों को जागरूक किया।
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विशुनपुरा ब्लॉक के मोतीपुर गांव में 15 दिन पहले अज्ञात बीमारी से गाय, भैंस बीमार पड़ने लगे। तब से अब तक 24 मवेशियों की मौत हो चुकी है और कई बीमार हैं। इससे पशुपालक चिंतित हैं। शनिवार को पशुधन प्रसार अधिकारी आशिक अली के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंची और पशुओं का उपचार किया। छोटे-बड़े 33 मवेशियों को टीका लगाया तथा दवाइयां दीं। पशुपालकों को बताया कि मवेशियों की मौत ठंड के चलते बुखार लगने से हुई है। मवेशियों का पशु चिकित्सक से उपचार कराएं।
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