पिपरा कनक (कुशीनगर)। बिहार प्रांत की सीमा से लगे गांवों में हरे और फलदार पेड़ों की कटान धड़ल्ले से हो रही है। लकड़ी माफियाओं को न तो वन विभाग का खौफ रह गया और न ही पुलिस का। इसे लेकर क्षेत्र के लोग चिंतित हैं।
पटहेरवा थाना क्षेत्र के गांव पिपरा कनक, मीरबिहार, समऊर बाजार, रामकोलाचट्टी, गंगुआ बाजार, कोटवा टीकमपार, पखिहवा उर्फ करजहां, नरहवा, बनवीरा, बसडीला महंथ सहित कई गांव बिहार प्रांत की सीमा से लगे हुए हैं। इन गांवों मे आम, जामुन, कटहल सहित कई तरह के हरे और छायादार पेड़ हैं, जिनकी कटान लकड़ी माफिया धड़ल्ले से करा रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पिपराकनक, समऊर बाजार, रामकोलाचट्टी जाने वाले मार्गों से ट्रैक्टर ट्राली पर लादकर लकड़ियों के बोटे ढोए जा रहे हैं।
इस क्षेत्र के कौसर आफरीदी का कहना है कि भले ही पर्यावरण को लेकर सरकार गंभीर हो, लेकिन पेड़ों की कटान को लेकर कोई सक्रियता नहीं दिख रही है। कई बार इसकी शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।
सीओ तमकुहीराज ने हरे एवं फलदार पेड़ों की कटान से जहां अनभिज्ञता जताई, वहीं वन क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज शिवजी कुशवाहा का कहना था कि हरे एवं फलदार पेड़ों के कटान की इजाजत किसी को नहीं दी गई है। यदि पेड़ काटे जा रहे हैं तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।