डायरिया से मां-बेटी की मौत, दस बीमार
दुबौली के 18 लोगों का भी चल रहा इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
दुदही/कठकुइयां। डायरिया की चपेट में आने से शनिवार की रात में जंगल सिसवा गांव की एक महिला और उसकी बेटी की मौत हो गई। इस गांव में कई अन्य लोग डायरिया की चपेट में हैं। इनका इलाज दुदही सीएचसी में चल रहा है। दो दिन पहले भी डायरिया से रकबा दुलमा पट्टी गांव में मां-बेटा की मौत हो गई थी, जबकि उस गांव के 10 लोग पीड़ित है। इसके अलावा चाफ गांव के दुबौली टोला में 18 लोग पीड़ित हैं। मौत की सूचना के बाद शनिवार की देर रात सीएमओ ने गांव का जायजा लिया था।
जंगल सिसवा गांव के रामनगर नया बासिंदा टोला निवासी नियाजुल की पत्नी जहरीना उम्र 30 वर्ष को शनिवार की देर शाम से उल्टी दस्त होने लगा था। जब तक लोग इलाज का कोई प्रबंध करें, कुछ घंटे बाद जहरीना की मौत हो गई। उसके कुछ देर बाद उसकी 5 वर्षीय बेटी गुलप्सा भी डायरिया की चपेट में आ गई। उसे परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान रात में उसकी भी मौत हो गई। वहीं रात में पड़ोसी आफ़रीन 12 वर्ष, आरवाज 6 वर्ष, शाहिदा 35 वर्ष, आफ़सान 8 वर्ष, अरमान 8 वर्ष, आफ़ताब 4 वर्ष, नूरजहां 16 वर्ष, शबाना 10 वर्ष, हलील 65 वर्ष भी डायरिया की चपेट में आ गए। मौत की सूचना के बाद सीएचसी कुबेरस्थान के डॉक्टर पहुंचकर पीड़ितों का इलाज शुरू कर दिए। देर रात सीएमओ डॉ. हरिचरण सिंह भी पहुंच गए। उसके बाद जानकारी हुई कि यह गांव सीएचसी दुदही का है, जिसे सूचना दी गई।
वहीं रविवार को सुबह सभी पीड़ितों को प्रधान अख़्तर ने अपने निजी वाहन से सीएचसी पहुंचाया। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी ने गांव में पहुंचकर दवा छिड़काव कराने के साथ कीटनाशक दवा का वितरण किया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एके पांडेय का कहना है कि दो लोगों की मौत हुई है। आठ लोग पीड़ित हैं। उनका इलाज सीएचसी में चल रहा है।