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गांव में संक्रामक बीमारियों के फैलने से लोग चिंतित

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कुशीनगर। बारिश के चलते मवन नाले के उफनाने से किसानों की सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई है। संक्रामक बीमारियों के फैलने से लोग चिंतित हैं। क्षेत्र के लोगों ने फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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महराजगंज जनपद से निकलकर इंदरपुर के रास्ते कुशीनगर में प्रवेश करने वाला मवन नाला हेतिमपुर होते हुए देवरिया तक जाता है। इस मवन नाले की खुदाई करीब 35 वर्ष पहले कराई गई थी, जिसका उद्देश्य लोगों को पानी से होने वाले नुकसान से बचाना था।
इंदरपुर निवासी मुकेश सिंह, रमाशंकर सिंह, रामाशीष, प्रभात सिंह, कारीतीन निवासी कुंवर बहादुर सिंह, दिनेश मल्ल, रामप्रीत मद्धेसिया, दिलीप कुमार, सोहनी निवासी ऋषि शर्मा, हरिनारायण शर्मा, शत्रुघ्न सिंह, संगम सिंह, भड़सर खास निवासी राजू सिंह, राजेश सिंह, राजेश कुमार, बुड़ंतवापुर निवासी महेंद्र यादव, राधे यादव, पटखौली निवासी सुनील सिंह, मनोज कुमार कन्नौजिया सहित कई किसानों का कहना है कि यह मवन नाला अब फसलों की बर्बादी का कारण बन गया है। इसमें पानी भर जाने से कभी धान तो कभी गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचता रहता है। इसके चलते पूरी पूंजी बर्बाद हो जाती है। परिवार का भरण पोषण करना भी मुश्किल हो जाता है, लेकिन सरकार की तरफ से मुआवजा भी नहीं मिलता।
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उधर, कप्तानगंज सीएचसी के प्रभारी डॉ. रूपेश कुमार कुशवाहा ने बताया कि बाढ़ के चलते मरीजों की संख्या पहले की अपेक्षा दोगुना हो गई है। क्योंकि पानी सड़ने से संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है। स्वास्थ्यकर्मियों को सतर्क कर दिया गया है। क्षेत्रीय विधायक रामानंद बौद्ध का कहना है कि मवन नाले से किसानों की फसलों को जो नुकसान हुआ है, उसका पूरा मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों से भी बात कर ली गई है। एसडीएम कप्तानगंज त्रिभुवन सिंह का कहना है कि जिस गांव में 37 प्रतिशत किसानों की फसल को नुकसान हुआ होगा, उस गांव में राजस्व टीम लगाकर सर्वे कराया जाएगा और उन्हें मुआवजा दिलाया जाएगा।
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