कसया। सरकार की ओर से जल संरक्षण पखवाड़ा चलाया जा रहा है। नीति आयोग और राष्ट्रीय जल आयोग की तरफ से 2030 तक पीने के पानी का संकट होने का संकेत दिया गया है। 91 प्रतिशत जलाशयों में सिर्फ 20 प्रतिशत ही जल बचेगा। ऐसे में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम (वर्षा जल संरक्षण) करना बेहद जरूरी है।
ये बातें प्रदेश के नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कहीं। वह कुशीनगर स्थित होटल पथिक निवास में रविवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पानी की बर्बादी हर हाल में बचानी चाहिए, वरना जीवन संकट में आ जाएगा। सरकार स्वच्छता पर जोर दे रही है। इसका असर भी दिखाई दे रहा है, लेकिन अभी इस दिशा में और बेहतर प्रयास करने की जरूरत है।
उन्होंने बरसात के मौसम में पौधरोपण करने पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि सरकार पॉलिथिन बैन व सुरक्षित पौधरोपण कर ग्लोबल वार्मिंग कम करने का प्रयास कर रही है। नगर निकायों में जल की हो रही बर्बादी के सवाल पर उन्होंने कहा कि शिकायत आई तो कार्रवाई की जाएगी। जहां भी गड़बड़ी होगी, उसे ठीक करा दिया जाएगा।
भाजपा पदाधिकारियों ने किया मंत्री का स्वागत
नगर विकास मंत्री का कुशीनगर पहुंचने पर भाजपा पदाधिकारियों ने माल्यार्पण व बुके देकर स्वागत किया। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया गया। तत्पश्चात जिले के विधायकों से कुछ समय उन्होंने बैठक की। फिर विभागीय अधिकारियों के अलावा डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की।
इस मौके पर विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी, विधायक जटाशंकर त्रिपाठी, विधायक पवन केडिया, भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश शाही, महामंत्री मारकंडेय शाही, ज्ञानेंद्र लाल श्रीवास्तव, दिव्येंद्र मणि त्रिपाठी, अमरचंद जायसवाल, अमन मणि, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय, श्रवण तिवारी, ब्रजेश गौतम, प्रतिनिधि कैफूल अली के अलावा नगरपालिका व नगर पंचायत के चेयरमैन व ईओ में प्रेमशंकर गुप्ता, संतोष कुमार सिंह, देवेश मिश्र, अंबरीष कुमार सिंह, अजय कुमार व महराजगंज से आए गोपाल जायसवाल आदि शामिल थे।