शनिवार को तेज बारिश के बीच करीब दस बजे प्रभारी नोडल अफसर प्रमोद कुमार पांडेय हाटा सीएचसी पहुंचे, जहां डीएम डॉक्टर अनिल कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया। उसके बाद निरीक्षण की शुरूआत ओपीडी और दवा वितरण काउंटर की व्यवस्था से की। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के बारे में जानकारी ली। योजना की धीमी गति पर नाराजगी जताई और योजना के प्रभारी डिप्टी सीएमओ डॉ. सुदर्शन सोनकर को सतर्क किया कि अगर यही गति रही तो तीन वर्ष में भी लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा। उसके बाद लैब और लिपिक कक्ष का निरीक्षण किया।
नोडल अफसर ने इसके अलावा प्रसव केंद्र के वार्ड को देखा, जहां बेड के पास प्रसूताओं के सुझाव वाले पोस्टर नहीं लगे होने पर नाराजगी जताई। इसी तरह जनरल वार्ड में बीमारियों के बचाव और उनके निदान के बारे में जानकारी वाले प्रचार सामग्री नहीं लगी होने पर कहा कि कही न कही सीएमओ के स्तर पर इसके फंड का दुरुपयोग हो रहा है। यह एक गंभीर मामला है। इसके अलावा नोडल अफसर से ईटीसी वार्ड पीआईसीयू और आयुष दवाओं के बारे में जानकारी ली।
अंत में प्रभारी नोडल अफसर से मुआयना के दौरान दिखी सभी कमियों को बताते हुए चेतावनी दी कि सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जद में कई लोग आ सकते है। उन्होंने डिप्टी सीएमओ से पूछा कि बेटी बचाओ स्कीम में तहत क्या कार्रवाई की तो वह कुछ साफ जवाब नहीं दे पाए। जिस प्रभारी नोडल अफसर ने निर्देश दिया कि क्षेत्र के अल्ट्रासाउंड सेंटरों का औचक निरीक्षण करें।
इसके बाद प्रभारी नोडल अफसर तहसील परिसर में पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले आरके दफ्तर का मुआयना किया। जहां उन्होंने नामांतरण के बारे में जानकारी ली। यहां रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं होने पर संबंधित पटल के बाबू को फटकार लगाई। इसके बाद उन्होंने रिकार्ड रूप का पहुंच कर वहां पत्रावलियों के रख-रखाव की स्थिति देखी।
राजस्व संग्रह अनुभाग में उन्होंने कर्मचारियों के सर्विस बुक और जीपीएफ पासबुक देखी। इसमें दो वर्ष की इंट्री नहीं होने और लेजर तैयार नहीं होने पर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही में कार्रवाई की गाज गिर सकती है। आगे से ऐसी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस दौरान डीएम डॉक्टर अनिल कुुमार सिंह, एसडीएम प्रमोद कुमार त्रिपाठी, सीओ रामदास प्रसाद, कोतवाल कमलेश सिंह, चौकी प्रभारी जगमेंदर, तहसीलदार सुकमा प्रसाद आदि मौजूद रहे।