तमकुहीराज। सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम बुधवार को तरया सुजान क्षेत्र में जहरीली शराब कांड के प्रभावित गांवों में पीड़ित परिजनों का हाल जाना। प्रदेश सरकार की मदद को नाकाफी बताते हुए पीड़ितों के साथ खड़े होने का भरोसा दिया। गुनहगारों पर कार्रवाई तक लड़ाई की बात कहीं।
सड़क से सदन तक आवाज उठाने का आश्वासन दिया। छह-सात फरवरी को जहरीली शराब पीने से तरया सुजान क्षेत्र के बेंदूपार खलवा टोला, खैरटिया, जवही दयाल के चैनपट्टी एवं सेवरही के मिश्रौली में 11 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि आठ से अधिक लोग बीमार हो गए थे। वैसे प्रशासन ने सिर्फ आठ लोगों की मौत और चार लोगों के बीमार होने की पुष्टि की थी।
सपा संसदीय प्रतिनिधि मंडल ने रिपोर्ट अखिलेश यादव को दी थी। प्रतिनिधि मंडल ने उम्मीद जताई थी कि सपा मुखिया खुद पीड़ितों से मिलने आ सकते हैं। बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल बेंदूपार खलवा टोला पहुंचे। उन्होंने मृतक चंचल व रामनाथ के घर वालों से घटना की जानकारी ली। उन्होन्रे देश सरकार से मिली सहायता को नाकाफी बताया।
कहा कि समाजवादी पार्टी इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ है। उनको न्याय दिलाने व असली गुनहगारों पर कार्रवाई के लिए लगातार आवाज उठा रही है। इस दौरान पूर्व सांसद बालेश्वर यादव, एमएलसी रामअवध यादव, पूर्व राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह, पूर्व विधायक नंदकिशोर मिश्र, विश्वनाथ सिंह, आनंद प्रकाश शर्मा, जिलाध्यक्ष इलियास अंसारी, मधुरश्याम राय, प्रमुख उदयनरायन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
मायूस हुए अन्य पीड़ित परिजन
सपा के प्रदेश अध्यक्ष का मात्र एक गांव का दौरा बाकी पीड़ितों को निराश कर गया। बेंदूपार खलवा टोला के दो परिवारों से ही मिले। उसी गांव के तीसरे पीड़ित परिजनों से नहीं मिल सके। इससे लोग मायूस नजर आए। कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सपा प्रदेश अध्यक्ष उनकी माली हालत पर भी ध्यान देंगे।
सपा-बसपा गठबंधन से भाजपा का होगा सफाया : प्रदेश अध्यक्ष
तमकुहीराज। सपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोक सभा चुनाव को देखते हुए बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत किया जा रहा है। भाजपा सरकार से जनता त्रस्त है। यह सरकार जुमलेबाजी व पूंजीपतियों को मजबूत करने में लगी हुई है। चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही भाजपा सरकार नई-नई रचनाओं से लोगों का ध्यान महंगाई, भ्रष्टाचार आदि से भटकाने में लगी है। सपा बसपा के गठबंधन बीजेपी पूरी तरह साफ हो जाएगी।
पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 2014 में भाजपा ने प्रतिवर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार, स्वदेशी अपनाने, कालाधन वापसी का वादा किया था, लेकिन सरकार हर मोर्चे पर विफल है। पूर्व की सरकारों में 40 प्रतिशत एफडीआई पर हल्ला मचाने वाली बीजेपी ने पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए इसे 100 प्रतिशत कर दिया। विदेशी व्यापार को बढ़ावा देने से स्वदेशी उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं।