जनपद न्यायाधीश ने सबसे पहले माता सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर राष्ट्रीय लोक अदालत की शुरूआत की। इस दिन बैंक, दीवानी न्यायालय, कलेक्ट्रेट और तहसील स्तर के पुराने वादों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी साकेत बिहारी दीपक ने सभी न्यायिक मजिस्ट्रेट और अधिकारियों से अपील किया कि अपने पटल से संबंधित लंबित वादों का अधिक से अधिक निस्तारण कराएं।
इस लोक अदालत में एसीजेएम पडरौना के न्यायालय से संबंधित 278 वाद, सीनियर डिवीजन से जुड़े 288, न्यायिक मजिस्ट्रेट पडरौना के न्यायालय से संबंधित 400 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना से जुड़े 29 मामले निस्तारित किए गए, जिससे 7558000 रुपये पीड़ित पक्षों को मुआवजा दिलाया गया। राजस्व से जुड़े 10884, उपभोक्ता फोरम के 20 तथा बैंकिंग से संबंधित 563 वादों का निस्तारण हुआ। दो करोड़ बाइस लाख सात सौ इक्यासी रुपये बैंकों ने वसूल किया। पुलिस महकमे से जुड़े 752 वाद निस्तारित हुए।
इस अवसर पर सहायक नोडल अधिकारी लोक अदालत विजय कुमार वर्मा, एडीएम रामकेवल तिवारी सहित सभी विभागों के कार्यालयाध्यक्ष और बैंकों के शाखा प्रबंधक मौजूद थे।
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राकेश कुमार गौंड़ ।