प्रधान संघ ने दी सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
ई-टेंडरिंग और मनरेगा के कार्यों में आ रही बाधाओं पर चर्चा की
अमर उजाला ब्यूरो
ढाढ़ा। शनिवार को सुकरौली ब्लॉक परिसर में प्रधान संघ की हुई बैठक में चौदहवें वित्त आयोग की रकम से ई टेंडरिंग और मनरेगा के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों में आ रही बाधाओं पर चर्चा की गई। संगठन ने मांगें पूरी न होने पर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की चेेतावनी दी गई।
ब्लॉक सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान संघ के अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि ग्राम प्रधानों के अधिकार में कटौती कर पंचायतीराज व्यवस्था को कमजोर करने का कार्य केंद्र और प्रदेश सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रशासन तथा सरकार की मंशा से गांवों का विकास कार्य बाधित हो रहा है। सरकार के क्रिया-कलापों से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य सही तरीके से नहीं हो पा रहा है।
बैठक में मौजूद ग्राम प्रधानों ने मांग किया कि मनरेगा के कार्यो का भुगतान पहले की भांति करने प्रधान संघ ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो सभी ग्राम प्रधान सामूहिक रूप से त्याग पत्र देने के लिए बाध्य होंगे।
इस दौरान महामंत्री उमाशंकर त्रिपाठी, विजय चौधरी, दीनानाथ सिंह, महेंद्र यादव, दिनेश गुप्ता, सुरेन्द्र यादव, केशव प्रसाद, रामसेवक यादव, रूदल चौहान, रीता देवी, राजाराम, सुबाष सिंह, ओमप्रकाश यादव, केदारनाथ, सुनील कन्नौजिया, निधि गुप्ता, संध्या सिंह , विवेकानंद यादव सहित कई अन्य ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
ई टेंडरिंग नहीं रोकी गई, तो प्रधान करेंगे आंदोलन
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
जटहां बाजार।
ई-टेंडरिंग लागू होने की जानकारी पर ग्राम प्रधानों में खलबली मची हुई है। विशुनपुरा ब्लॉक के प्रधान संघ ने ब्लॉक मुख्यालय पर ई-टेंडरिंग के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैैयार की।
ग्राम प्रधान संघ ने शनिवार को ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश यादव की अगुवाई में ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंच ई-टेंडरिंग के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद ब्लॉक परिसर में बैठक कर विचार विमर्श किया गया। ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ई-टेंडरिंग लागू कराकर प्रधानों के अधिकार में कटौती करना चाहती है। यह व्यवस्था लागू होने के बाद राज्यवित्त, चौदहवां वित्त से परियोजनाओं पर कार्य कराने में कठिनाई बढ़ जाएगी। ग्राम प्रधानों ने कहा कि पहले से ही तमाम परेशानियों का सामना करना पङ रहा है। ई-टेंडरिंग लागू कर प्रधानों के अधिकार को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। भट्ठों पर ईंट नहीं मिल रहे हैं। जिसके कारण शौचालय निर्माण की प्रगति ठप हो गई है। जिले स्तर से लेकर स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की ओर से शौचालय निर्माण के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जब तक नया ईंट उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक शौचालय निर्माण की समय सीमा बढ़ाई जाय। वहीं, बैठक कर सोमवार को डीएम को ज्ञापन देने की रणनीति बनी। ग्राम प्रधानों ने चेतावनी दिया कि अगर ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो वे आंदोलन करेंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश यादव, ध्रुव नारायण यादव, विष्णु प्रताप, अनिल यादव, रामहित यादव, रामकिशोर राय, दीनबंधु चौबे, लियाकत अंसारी, चौथी प्रसाद, मिंटू राय, वीरेंद्र कनौजिया, नागदेव यादव, बैजनाथ गौतम, वंशबहादुर आदि मौजूद रहे।