कुशीनगर। बारिश और बाढ़ के कारण कष्ट झेल रहे खड्डा क्षेत्र के लोगों को अब जलजनित बीमारियां सताने लगी हैं। विशुनपुरा गांव के एक ही परिवार के चार लोग तो सोहरौना में कई लोग उल्टी-दस्त जैसी बीमारी कीचपेट में आ गए हैं। उन्हें तुर्कहां स्थित सीएचसी में भर्ती कराया गया है। उधर, तीन दिन के भीर उल्टी-दस्त से पथलवा गांव के दो लोगाें की मौत हो चुकी है। कई बच्चे और महिलाएं अब भी इस बीमारी से जूझ रहे हैं।
पिछले सप्ताह आई बाढ़ और मूसलाधार बारिश से जलभराव के चलते उत्पन्न दुश्वारियों को खड्डा तहसील के लोग अभी झेल ही रहे थे कि अब जलजनित बीमारियों ने भी पांव फैला दिया है। जानवरों के शव और जगह-जगह जलभराव, हैंडपंपों से दूषित पानी निकलने के कारण खड्डा क्षेत्र के कई गांवों के लोग प्रभावित हैं। ग्राम सभा बुलहवा के पथलहवा टोला में उल्टी-दस्त और बुखार से लोग पीड़ित हैं। इस गांव के निवासी राजेश के तीन वर्षीय पुत्र संदीप को दो दिन से उल्टी-दस्त हो रहा था। गरीब मां-बाप किसी तरह इधर-उधर से इलाज करा रहे थे कि शुक्रवार की रात में उस मासूम ने दम तोड़ दिया। राजेश के दूसरे पुत्र पांच वर्षीय दीपक की हालत चिंताजनक है। इसी गांव के 50 वर्षीय केदार निषाद भी उल्टी-दस्त से पीड़ित थे, जिनकी तीन दिन पहले मौत हो गई। इसी तरह पथलहवा निवासी मंगर (07), सुषमा (20), सुनैना (07), बुधिया (06), रविंद्र (05), ज्योति (06), आकाश (02), प्रीती (01), सपना (02), घौलारी (65), चांदनी (03) और गोलू (02) सहित कई लोग उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित हैं। इस गांव के काशी यादव, अशोक सहित कई लोगों का कहना है कि दूषित पानी के चलते जलजनित बीमारियों का दुष्प्रभाव बढ़ता जा रहा है। इन लोगों की कोई सुधि नहीं ले रहा है। शनिवार को इस गांव की आशा सलेमुन ने सीएचसी पर इसकी जानकारी दी। उसके बाद एंबुलेंस से मरीजाें को अस्पताल भेजा गया।