कसया। यूनिसेफ के सहयोग से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए जाने के लिए सोमवार को राजगीर और हैंडपंप कारीगरों का दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर कुशीनगर में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्घाटन सीडीओ ने किया।
उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल राजगीरों और हैंडपंप कारीगरों से कहा कि सभ्यता के नाम पर खुले में शौच करना गलत है। खुले में शौच करने से वायु और मृदा से अधिक जल प्रदूषित होता है, जो अनेंक बीमारियों का जनक है। सीडीओ ने कहा कि अपने देश से कई कुप्रथाएं खत्म हो गईं, लेकिन सड़क के किनारे खुले में शौच करने की कुप्रथा खत्म अभी तक नहीं हुई। यह चिंताजनक है। इसके लिए एक-एक व्यक्ति को जागरुक करना होगा व नैतिक दबाव भी देना होगा।
उनके अलावा यूनीसेफ की लखनऊ इकाई की रुबी सिंह और डीपीसी शशि सिंह ने भी राजगीरों और हैंडपंप कारीगरों को संबोधित किया। अध्यक्षता डीपीआरओ राघवेंद्र कुमार द्विवेदी व संचालन डीपीआर के सहायक प्रबंधक ब्रजेश तिवारी ने किया। आभार सहायक प्रबंधक महराजगंज कल्पना ने ज्ञापित किया।
इस मौके पर पीयूष कुमार चतुर्वेदी, अमरेश, धर्मेंद्र शर्मा, अशोक, अच्छेलाल, हरिशचंद्र, इंद्रजीत, योगेंद्र पटेल, रजनीकांत, मेराजुद्दीन, नारद मुनि, हरि, रामगति यादव आदि मौजूद रहे।