कुशीनगर। अहिरौलीदान में बड़ी गंडक नदी की कटान अब भी जारी है। अहिरौलीदान के दो गांवों को उजाड़ने के बाद बड़ी गंडक अब इसके डीह टोला की तरफ बढ़ रही है। नदी कटान करते हुए आबादी से करीब 20 मीटर दूर रह गई है। इससे भयभीत लोग अपनी झोपड़ियों और सामानों को हटाने लगे हैं।
तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के अहिरौलीदान में पिछले एक सप्ताह से बड़ी गंडक नदी का कटान जारी है। चित्तू टोला में तीन लोगों की झोपड़ियां नदी की भेंट चढ़ जाने के बाद लोगों ने पुरवा पूरी तरह खाली कर दिया है। वे अपना सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। वहीं, कंचन टोला में अभी भी तीन चार झोपड़ियां बची हुई हैं, जिन्हें हटाने का काम जारी है।
रविवार की शाम से अचानक डीह टोला के सामने कटान का खतरा बढ़ गया। नदी जमीन काटती हुई कहीं आबादी के पास तो कहीं आबादी से 20 मीटर करीब पहुंच चुकी है। इसके चलते डीह टोला के दीनानाथ यादव सहित कई लोगों ने अपनी झोपड़ियां हटानी शुरू कर दीं। वहीं पक्के मकान भी तोड़े जाने लगे हैं, ताकि वह अपने मकान के सामानों को बाढ़ से पहले निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। डीह टोला के ही सुजीत यादव, नथुनी यादव, सुभाष यादव, चंद्र यादव, जवाहर यादव, विश्वनाथ यादव, जनक यादव के पक्के मकान पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है।
रविवार की रात में एडीएम कृष्णलाल तिवारी, एसडीएम गुलाब चंद्र, तहसीलदार रामप्यारे और नायब तहसीलदार विकास कुमार सिंह कटानस्थल का जायजा लेने पहुंचे थे। इसके बावजूद भी अभी तक कटान रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। ग्राम प्रधान हीरालाल यादव, अरविंद सिंह पटेल, विक्रमा यादव, महातम यादव, बिहारी यादव सहित अन्य लोगों ने तत्काल कटान रोके जाने और विस्थापित लोगों को सरकारी मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।