अपने अधिकार की मांग करना अलोकतांत्रिक नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। आठ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे लेखपालों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर धरना दिया। लेखपालों ने अपने आंदोलन को लोकतांत्रिक और जायज बताते हुए सभी मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष संजीवन मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आंदोलन का संज्ञान लिया है। यह संघ के रणनीतिकारों की जीत है। यह अलग बात है कि उन्होंने हमारे आंदोलन को अलोकतांत्रिक कहकर दबाव बनाने का असफल प्रयास किया है, लेकिन उन्हें भी पता है कि अपने अधिकार की मांग करना अलोकतांत्रिक नहीं है। पांच वर्ष से प्रदेश के लेखपाल बिना संसाधन के ई-डिस्ट्रक्ट के माध्यम से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाने का कार्य कर रहे हैं। जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र गुप्ता ने वेतन विसंगति को दूर करने तथा जिला मंत्री निलेश रंजन राव ने राजस्व उप निरीक्षक सेवा नियमावली लागू करने समेत अन्य मांगों पर चर्चा की। संचालन हरिशंकर सिंह ने किया। इस दौरान मार्कंडेय मणि, ब्रजेश मणि, नंदलाल पाठक, अशोक वर्मा, रामप्रवेश, देवचंद्र प्रसाद, प्रद्युम्न राव, अकरम अली, वंशबहादुर यादव, मनीष पांडेय, राहुल दीक्षित, उस्मान गनी, ब्रजनारायन सिंह, विभव शर्मा, शीतल सिंह, मुकुट विहारी, अनिल तिवारी, प्रदीप गुप्ता, मधु श्रीवास्तव समेत जिले भर के लेखपाल मौजूद रहे।