डीएसपी जियाउल हक हत्याकांड में सीबीआई के सामने एक नया नाम आया है।
यह डीएसपी हत्याकांड के मुख्य आरोपी का मौसेरा भाई और उम्र में उससे भी कुछ महीने छोटा है।
सीबीआई को यह जानकारी मिली है कि इसी मौसेरे भाई ने ही डीएसपी के सिर पर हॉकी स्टिक से वार किया था, जिससे डीएसपी बेहोश हो गए थे।
सीबीआई ने जिसे कुछ दिनों पहले डीएसपी के मुख्य हत्यारोपी के तौर पर गिरफ्तार किया था, अदालत ने उसे नाबालिग मानते हुए मामला किशोर न्याय बोर्ड के हवाले कर दिया है।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार जियाउल हक पर उस समय हॉकी स्टिक से जानलेवा हमला किया गया था जब प्रधान नन्हे यादव के भाई सुरेश की सीओ से छीना-झपटी के दौरान उसकी (सुरेश) ही बंदूक से चली गोली से मौत हो गई थी।
सीबीआई के अनुसार पिता सुरेश को गोली लगी तो उसके बेटे ने हाकी स्टिक से हक पर जानलेवा हमला कर दिया था। इसके बाद डीएसपी बेहोश हो गए थे। उसके बाद उन्हें गोली मार दी गई थी।
दूसरी तरफ डीएसपी हत्याकांड सीबीआई तब से अब तक किशोर न्याय बोर्ड के सामने ऐसे साक्ष्य रखती जा रही है जिससे मुख्य हत्यारोपी के बालिग होने की बात प्रमाणित तो होती है पर इसके बाद भी सीबीआई के पक्ष में फैसला नहीं आ सका है।
इसके पीछे बड़ा कारण यह है कि हाईस्कूल के सर्टीफिकेट में मुख्य आरोपी की जो उम्र दर्ज है, उससे वह नाबालिग साबित हो रहा है।
अब जब तक किशोर न्याय बोर्ड मुख्य हत्यारोपी के बालिग होने की बात नहीं कह देता तब तक सीबीआई उसे रिमांड पर लेने की कवायद भी शुरू नहीं कर सकती।
यही कारण है कि सीबीआई सुरेश के बेटे को गिरफ्तार करने में बच रही है। अगर सीबीआई उसे गिरफ्तार करती है तो अदालत से उसे तत्काल राहत मिल जाएगी।