सीओ जियाउल हक हत्याकांड के मुख्य आरोपी की जन्मतिथि में काट-छांट स्कूल के प्रबंधक फूलचंद्र यादव के कहने पर की गई थी।
प्रबंधक के कहने पर कक्षा नौ में स्कूल के क्लर्क ने स्कॉलर रजिस्टर में व्हाइटनर लगाकर जन्मतिथि बदल दी।
दुखीराम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलीपुर के प्रिंसिपल सालिगराम पाल ने शनिवार को जेजे बोर्ड के समक्ष यह बयान दिया।
प्रिंसिपल ने बोर्ड के समक्ष कई दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। फूलचंद्र यादव भी सीओ हत्याकांड में आरोपी है। मामले में अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी।
सीओ जियाउल हक हत्याकांड के मुख्य आरोपी की जन्मतिथि को लेकर जेजे बोर्ड ने दुखीराम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलीपुर के प्रिंसिपल सालिगराम पाल को शनिवार को तलब किया था।
सालिगराम पाल ने अपने बयान में कहा कि मुख्य आरोपी ने विद्यालय में 3 जुलाई 2002 को कक्षा 4 में एडमिशन लिया था।
उस समय उसकी जन्मतिथि 18 दिसंबर 1994 लिखाई गई थी। कक्षा 4 से 10 तक आरोपी ने इसी स्कूल में पढ़ाई की।
स्कॉलर्स रजिस्टर के क्रमांक 153 पर उसका नाम और जन्मतिथि अंकित है। स्कूल प्रबंधक फूलचंद्र यादव के कहने पर क्लर्क इंद्रेश कुमार पटेल ने सत्र 2007-08 में स्कॉलर रजिस्टर में व्हाइटनर लगाकर 94 को 96 कर दिया।
उस दौरान वह कक्षा 9 में था। कक्षा 9 व 10 के रजिस्टर में उसका जन्म वर्ष काट-छांटकर 1996 लिखा है।
यह दस्तावेज प्रस्तुत किए गए
-प्रिंसिपल ने जेजे बोर्ड सदस्य दिनेश पांडेय व डॉक्टर रश्मि रस्तोगी के समक्ष हलफनामा के साथ ही आरोपी की जन्मतिथि से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसमें आरोपी की कक्षा तीन की टीसी के साथ ही कक्षा चार, पांच और कक्षा कक्षा 9 की रजिस्टर की फोटोकॉपी शामिल है।
-वोटर आईडी में 18 दिसंबर 1994 ही जन्मतिथि है।