बलिया जिले के नगर शिक्षा क्षेत्र के अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय रामपुर नंबर- एक पर मिड डे मील के भोजन खिलाने में भेदभाव का मामला सामने आया। इस पर जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने गुरूवार को खुद मामले की जांच विद्यालय पहुंचकर की। वहां उन्होंने सभी बच्चों से बातचीत की और विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति आदि की भी जांच की।
डीएम ने बताया कि बातचीत में बच्चों ने इस बात से इनकार किया कि उनके साथ कोई भेदभाव किया जाता है। खाने में किसी प्रकार के जातिगत भेदभाव को भी बच्चों ने गलत बताया। भोजन की गुणवत्ता को भी बच्चों ने बेहतर बताया। इस प्रकार यह शिकायत पूरी तरह निराधार मिली।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक जी गुप्ता ने बताया कि बच्चों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता। हां बच्चे अपनी सुविधा के अनुसार इधर-उधर बैठकर जरूर खाते हैं। वहीं, स्कूल में बच्चों के अपने अपने ग्रुप हैं। इस संबंध में कई बार बच्चों से साथ बैठकर खाने को कहा गया लेकिन वह कहने पर भी साथ नहीं बैठते। शायद ऐसा वह अपने परिवार और परिवेश के कारण करते हैं। उन्होंने विद्यालय स्तर पर किसी तरह के भेदभाव से पूरी तरह इनकार किया।
जनता प्राथमिक स्कूल में अचानक बच्चों की हालत बिगड़ी
स्कूल में छात्र व मिड डे मील दिखाते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ में 27 अगस्त को जनता प्राथमिक स्कूल में अचानक बच्चों की हालत बिगड़नी शुरू हो गई। सूचना पर जनता स्कूल में ग्रामीणों की भीड़ लगने लगी। वहां पहुंचे अभिभावकों ने मिड-डे मील दूषित होना बताया तो ग्रामीणों ने स्कूल के पास काफी गंदगी बताई। मामला तूल पकड़ने से पहले प्रधानाचार्य ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को जानकारी दे दी। जिस पर गांव से ही डॉक्टरों की टीम स्कूल पहुंच गई। बच्चों की हालत मिड-डे मील खाने से बिगड़ी है, इसकी जानकारी डीएम को भी देना बताया गया। खाना खाने से हालत बिगड़ी या फिर गंदगी से, इसकी जांच होगी। वहीं सवाल ये भी है कि स्कूल के पास की गंदगी को क्यों नहीं हटाया गया। स्कूल के प्रधानाचार्य गजेंद्र वर्मा ने बताया कि 64 बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। डॉक्टरों की टीम बुलाकर जांच कराई गई। सभी बच्चों की हालत ठीक है। बच्चों को खराब खाना नहीं दिया।
शामली में अमर उजाला की पड़ताल
मिड- डे मील का खाना
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अमर उजाला की पड़ताल में प्रा.वि.मुंडेट कला शामली स्कूल में कुल 119 पंजीकृत छात्रों में 114 उपस्थित थे। कक्षा एक और दो के छोटे बच्चे नीचे टाट पट्टी पर बैठे थे और जमीन में खाने की थाली रखकर खाना खा रहे थे। दाल, चावल बने थे। दाल में दल कम और पानी ज्यादा था। चावल भी काफी मोटे और घटिया क्वालिटी के थे। कुछ बच्चे भोजन करने के बाद प्लेट धोते नजर आए। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बच्चे प्लेट पर केवल पानी डालकर रखते हैं। उसे रसोइया बाद में धोती है। खाना रसोइया बनाती है। हम तो सामान उपलब्ध करा देते हैं। हो सकता है आज दाल में पानी अधिक हो गया हो। प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन थानाभवन स्कूल में 192 छात्र थे। यहां खाने में दाल-चावल तैयार किए गए। इसमें चावल घटिया गुणवत्ता का इस्तेमाल किया जा रहा था।
अटेरना में मेन्यू के अनुसार मिड डे मील न देने का आरोप
मिड-डे मील
- फोटो : अमर उजाला
अटेरना स्थित प्राथमिक विद्यालय में मेन्यू के अनुसार मिड डे मील न देने का आरोप ग्राम प्रधान ने प्रधानाचार्य पर लगाया है। ग्राम प्रधान कुलदीप, जितेंद्र, पूर्व प्रधान ओमप्रकाश, अजयपाल, अनिल कुमार आदि बुधवार को स्कूल पहुंचे। बच्चों से मिड डे मील के बारे में पूछता तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। प्रधान के मुताबिक बुधवार दोपहर मील में ताहरी और दूध दिया जाना था पर बच्चों को केवल ताहरी ही दी गई। पूछने पर प्रधानाचार्य हरीश पंवार ने बताया कि दूध उपलब्ध न होने के चलते आज दूध नहीं दिया जा सका है। प्रधानाचार्य ने भी प्रधान कुलदीप से कहा कि स्कूल में जो शौचालय निर्माण कराया गया है, वह अधूरा पड़ा है, उसे क्यों पूरा नहीं कराया जा रहा, जबकि शौचालय निर्माण सरकार की प्राथमिकता का विषय है। जिसके बाद प्रधान व प्रधानाचार्य के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। इसी बीच एनपीआरसी सुनील कुमार भी स्कूल जा पहुंचे ओर उन्होंने भी बच्चों से मिड डे मील के बारे में जानकारी ली। एनपीआरसी ने बच्चों को दूध न मिलने की बात रजिस्टर में नोट की। कुल मिलाकर प्रधानाचार्य और ग्राम प्रधान अपने-अपने कार्यों को लेकर आमने सामने हैं।
श्रावस्ती में अनदेखी और लापरवाही का आरोप
मिड-डे मील
श्रावस्ती स्थित परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना अधिकारियों की अनदेखी व लापरवाही से गुणवत्ता विहीन होती जा रही है। स्कूलों में पढ़ने के लिए आने वाले बच्चों को घटिया भोजन परोसा जा रहा है। बच्चों को दी जाने वाली दाल व सब्जी में पानी की मात्रा अधिक रहती है। स्कूलों में रसोई गैस सिलेंडर के स्थान पर चूल्हे पर लकड़ी से ही भोजन पकाया जा रहा है। छात्र छात्राओं को गंदगी के बीच बैठाकर भोजन परोसा जा रहा है। भोजन बनाने में प्रयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। तेल, मसालों के साथ अन्य खाद्य सामग्री की खरीद में मानकों का पूरा नहीं किया जा रहा है।
इसका खुलासा भी समय-समय पर अधिकारियों की जांच पड़ताल होता रहा है। तमाम चेतावनी और कार्रवाई के बाद भी मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है। इसका खुलासा शनिवार को अमर उजाला की पड़ताल में हुआ। इसकी जानकारी के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हैं। बीएसए ओंकार राणा ने कहा कि विद्यालयों में चूल्हे पर एमडीएम कैसे बनता है, भोजन की गुणवत्ता कैसी है, इसकी जांच कराई जाएगी। विद्यालय में व्याप्त कमियों को दुरुस्त कराने के साथ मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन परोसा जाए इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
चौडगरा में बच्चे की थाली में कीड़ा और आटे में ढेरों घुन
मिड-डे-मील
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चौडगरा के मलवां विकास खंड के अदमापुर प्राथमिक विद्यालय में बीईओ को कई अव्यवस्थाएं मिलीं। मिडडे मील में परोसी गई बच्चे की थाली में कीड़ा और आटे में ढेरों घुन मिले। भोजन की गुणवत्ता खराब दिखी। यूनिफार्म वितरण, रंगाई-पुताई आदि का ब्योरा भी गोलमोल ही रहा। खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक को कड़ी फटकार लगाई।
ग्रामीणों की शिकायत पर बीईओ अनीता शाह सोमवार को लगभग बारह बजे विद्यालय पहुंचीं। बच्चे भोजन कर रहे थे। एक बच्चे की सब्जी में कीड़ा दिखा। आटे में घुन मिलने पर बीईओ का पारा चढ़ा तो रसोइया मुन्नी देवी व रामसखी ने बताया कि आटा जून माह का है। प्रधानाध्यापक के आदेश पर दिया जा रहा है। बीईओ ने बताया कि भोजन की गुणवत्ता काफी खराब मिली। यूनिफार्म वितरण पूर्ण रूप से नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों को फल व दूध का वितरण नहीं किया जाता है। कई ग्रामीण भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। खर्च के व्यय का ब्योरा भी प्रधानाचार्य नहीं दे सकीं। दो अगस्त का डाटा खंगालने पर भी अनियमितताएं मिलीं जहां बच्चों की उपस्थिति संख्या 32 दर्शाई गई, वहीं भोजन व्यवस्था में 40 बच्चों की उपस्थिति थी। कंपोजिट ग्रांट के लिए भेजे गए 25000 रुपये में रंगाई, पुताई, निर्माण संबंधित कोई भी खर्च नहीं दिखाया जा सका।
बीईओ ने बताया कि यह भी मामला सामने आया कि प्रधानाध्यापक गैर मौजूदगी में सहायक अध्यापकों को चार्ज न देकर दरवाजे में लिखकर अनुपस्थिति चली जाती हैं। उसकी जांच अलग से की जा रही है। बच्चों के खेलकूद के लिए सामान अभी तक नहीं खरीदा गया। अनियमितताओं के साथ सभी जानकारी वीडियो व फोटो जिला बेसिक शिक्षाधिकारी शिवेंद्र सिंह को भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया गया है।
बच्चों को पतली दाल खिलाई , स्टोर रूम में मिले किताब और जूता
मिड डे मील
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अमरोहा के राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्त ने सोमवार को जिले के स्कूल का निरीक्षण किया। अनियमितता मिलने पर नाराजगी जताई। एमडीएम में बच्चों को पतली दाल खिलाई जा रही थी, जबकि स्टोर रूम में किताब और जूता स्टाक मिला। तीन प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया गया, वहीं दो को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्त सोमवार को लगभग 10 बजे प्राथमिक स्कूल बुढ़नपुर द्वितीय पहुंचे। उनके निरीक्षण में स्टोर रूम में किताब और जूता मिला। जूनियर हाईस्कूल बुढ़नपुर द्वितीय में फर्नीचर टूटे हुए मिले जबकि लोहे की पट्टी किनारे फेंका पाया गया। प्राथमिक स्कूल डिडौली द्वितीय में एमडीएम की पड़ताल में दाल पतली मिली। इसके साथ ही यहां पर शैक्षिक गुणवत्ता खराब रही। छात्र-छात्राओं ने सवालों का जवाब नहीं दिया। अंग्रेजी मीडियम डिडौली प्रथम का नाम गलत दर्ज रहा। एक ही परिसर में प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल स्थित है। बीएसए गौतम प्रसाद ने बताया कि राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष के निरीक्षण में खामियां मिलने पर तीन प्रधानाध्यापक निलंबित कर दिए गए हैं। दो प्रधानाध्यापकों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। बीईओ जोया को 15 दिन की मोहलत दी गई है। स्कूलों की व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर शासन को अवगत कराया जाएगा।
मिर्जापुर में बच्चों को नमक रोटी
मिर्जापुर मिड डे मील
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मिर्जापुर के एक सरकारी स्कूल में गुरुवार को बच्चों को मिड-डे मील में नमक के साथ रोटी खिलाने के मामले में एबीएसए बृजेश सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही बीएसए का ट्रांसफर कर दिया गया है।मिर्जापुर में नए बीएसए के आने तक उसका चार्ज सीडीओ संभालेंगे। इसके साथ ही मिर्जापुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को डायट प्रयागराज बनाए गया है। नवनियुक्त बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश द्विवेदी ने बच्चों को मिड-डे मील में रोटी-नमक देने के मामले में शुक्रवार को वहां के डीएम से रिपोर्ट तलब की थी।
द्विवेदी ने शुक्रवार सुबह मिर्जापुर के डीएम को फोन कर मामले की जानकारी ली थी और प्रथम दृष्टया जमालपुर ब्लॉक स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिउर के दोषी रसोइया, शिक्षक, प्रधानाध्यापक को निलंबित करने के निर्देश दिया था। उन्होंने शनिवार सुबह तक डीएम अनुराग पटेल पटेल से रिपोर्ट मांगी। शनिवार को रिपोर्ट आने के बाद बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री द्विवेदी ने एक्शन लिया।
द्विवेदी ने कहा था कि मामले में दोषी किसी भी अधिकारी को बक्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने मिड डे मील की निगरानी के लिए स्कूलों में मां समितियां गठित की हैं। द्विवेदी ने आह्वान किया कि समितियों में शामिल बच्चों की माताओं को भी समय-समय पर स्कूलों में मिड-डे मील वितरण का निरीक्षण करना चाहिए। अमर उजाल की खबर का असर भी देखने को मिला मामले में शिक्षा मंत्री ने भी संज्ञान लिया।