‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल के रोड शो में सबसे पीछे वाली गाड़ी में सवार महिला को प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रखते देखा जा सकता है। गांव में जब सभा चल रही होती है तो वह भीड़ के बीच कभी संबोधित कर रहे केजरीवाल तो कभी आसपास खड़े लोगों के हाव-भाव भांपने में जुटी रहती हैं।
यही नहीं, सभा के दौरान वह अकेले या एक-दो महिलाओं के साथ कई घरों में जाकर महिलाओं से समस्याएं जानती हैं। साथ ही वह अच्छी छवि के नेता को वोट देने की बात कह रही होती हैं।
बातचीत के बीच कभी महिलाओं के कंधे पर हाथ रखकर अपनापन जताती हैं तो कभी बच्चों को दुलारती हैं। यह कोई और नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अरविंद केजरीवाल के पूर्व में हुए रोड शो के दौरान सुनीता दोनों बच्चों के साथ दिखाई दी थीं।
‘झाड़ू चलाओ, बेईमान भगाओ’
लेकिन सुनीता सभा और प्रचार से दूरी बनाए हुए थीं। इस बार वह पत्नी धर्म का निर्वहन करने के साथ ही लोगों को जागरूक करने का काम भी कर रही हैं। हाल ही में एक जनसभा के दौरान वह भीड़ के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं से अलग खड़ी नजर आईं थीं।
शनिवार से शुरू हुई केजरीवाल की ‘झाड़ू चलाओ, बेईमान भगाओ’ यात्रा में भी वह दिखाई दीं। वाहनों के काफिले में वह सबसे पीछे एक इनोवा में बैठी नजर आईं।
केजरीवाल के सभास्थल से दो सौ मीटर दूर ही उनकी गाड़ी रुक गई। जब अरविंद और लोगों का हुजूम सभास्थल की ओर कूच कर गया तो वह दो महिलाओं के साथ पास के ही एक घर में पहुंचीं।
कैमरों से बचती हैं सुनीता
अपनी पहचान बताए बगैर उन्होंने रोड शो देखने के लिए निकलीं महिलाओं के कंधे पर हाथ रखकर अपनापन जताया तो एकाध बार गोद में बैठे बच्चे को भी दुलारा।
इस दौरान वह गांव की समस्याएं भी पूछीं और डायरी में नोट किया। जाते-जाते उन्होंने महिलाओं को अच्छी छवि के नेता को ही वोट देने के लिए प्रेरित किया। ऐसा वह प्रत्येक कार्यक्रम में कर रही हैं।
इस दौरान वह प्रचार सामग्री का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं। सुनीता कैमरों से भी बचती हैं। अरविंद केजरीवाल के साथ वे पत्नी की भूमिका में चल रही हैं। अलबत्ता मतदाताओं को जागरूक करना नहीं भूलतीं।