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Kaushambi : गैंगस्टर नाना और हिस्ट्रीशीटर मामाओं के बीच पल रहा था जाकिर, गांव वाले बता रहे छांगुर बाबा का चेला

Sat, 13 Sep 2025 04:22 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांंबी

सार

जाकिर एक दशक से अपने ननिहाल में रह रहा है। मूल रूप से कोखराज थाना क्षेत्र के बरक्कतपुर का रहने वाला जाकिर नौ भाइयों में पांचवें नंबर पर है। उसके पिता जाविर करीब दस साल पहले गांव में विवाद के बाद परिवार सहित ससुराल आकर बस गया था।
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सिपाही के साथ खड़ा जाकिर। - फोटो : संवाद।
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विस्तार
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जाकिर एक दशक से अपने ननिहाल में रह रहा है। मूल रूप से कोखराज थाना क्षेत्र के बरक्कतपुर का रहने वाला जाकिर नौ भाइयों में पांचवें नंबर पर है। उसके पिता जाविर करीब दस साल पहले गांव में विवाद के बाद परिवार सहित ससुराल आकर बस गया था। जाकिर के नाना उमर उल्ला पर गैंगेस्टर की कार्रवाई हो चुकी है। वहीं उसके मामा समीम गुंडा एक्ट में जिला बदर हो चुका है जबकि, नसीम हिस्ट्रीशीटर के तौर पर कुख्यात है। ननिहाल में रह रहा यह परिवार लगातार विवादों और आपराधिक मामलों को लेकर सुर्खियों में रहा है। परिवार का कोई स्थायी रोजगार नहीं है। पिता और भाइयों की तरह जाकिर भी गांव-गांव जाकर मवेशियों को खरीदने-बेचने का काम करता था।

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धर्म परिवर्तन और महिला की हत्याकांड में भी आया था परिवार का नाम

पश्चिमशरीरा थाने के इंस्पेक्टर त्रिलोकी नाथ पांडेय के अनुसार, करीब दस साल पहले मऊ जिले की चंदा सिंह अपने प्रेमी एंबुलेंस चालक आरिफ के साथ असाढ़ा आकर बस गई थी। धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया तो 13 फरवरी 2023 को चंदा की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद मो. आरिफ शव को दो दिन तक एंबुलेंस में घुमाता रहा और फिर असाढ़ा में छोड़कर फरार हो गया।

मामले में चंदा की मां श्रीमती की तहरीर पर पुलिस ने 10 नामजद समेत 100 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस घटना में जाकिर के मामा समीम और नसीम के खिलाफ भी आरोप लगे थे। हालांकि, पुलिस ने मुठभेड़ में मुख्य आरोपी आरिफ को पकड़ा लिया था लेकिन सही तरह से पैरवी न होने पर अन्य आरोपी छूट गए थे।

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गांव वाले बता रहे छांगुर बाबा का चेला

गांव के लोगों की नजर में कौशाम्बी निवासी जाकिर संदिग्ध व्यक्ति है। कुछ लोग उसे बलरामपुर के चर्चित छांगुर बाबा का चेला बताते हैं। उनके ऐसा सोचने की वजह यह है कि गांव में आते ही उसने अनुसूचित जाति के बेहद गरीब परिवार को टारगेट किया। पुलिस के मुताबिक, मिस्ड कॉल के जरिये उस परिवार की एक लड़की से उसका संपर्क हो गया। उसके बाद वह उसके घर पहुंच गया। घर के लोगों को तमाम सब्जबाग दिखाया।

गांव के लोग बताते हैं कि मकान बनवाने से लेकर बेटे-बेटियों की शादी कराने तक का वादा कर परिवार वालों को अपना मुरीद बना लिया था। शुक्रवार को परिवार के लोगों से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन वे राजी नहीं हुए। पुलिस के मुताबिक, वह परिवार जाकिर के खिलाफ एक शब्द भी नहीं सुनना चाहता है। सुभाष हकीकत में जाकिर है, यह बात उस परिवार के लोग जानते थे या नहीं, लेकिन वे लोग अब भी जाकिर के पक्ष में ही बात कर रहे हैं।
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