यूपी बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। अच्छे अंक पाने के लिए छात्र-छात्राएं दिन-रात पढ़ाई में जुटी हैं, लेकिन इस दौरान स्वास्थ्य की अनदेखी भारी पड़ रही है। घबराहट, चिंता और तनाव के मामले बढ़ने लगे हैं। चिकित्सकों ने छात्रों को सलाह दी है कि परीक्षा को लेकर तनाव न लें, पूरी नींद लें और खानपान का विशेष ध्यान रखें।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन दिनों परीक्षा से जुड़े स्वास्थ्य मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। ओपीडी के कर्मचारियों के अनुसार मनोरोग विभाग में रोजाना करीब 10 छात्र तनाव, घबराहट और अनिद्रा की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। नेत्र रोग विभाग में भी प्रतिदिन 10 से 15 मरीज आंखों में जलन, दर्द और धुंधलापन की समस्या के साथ इलाज के लिए आ रहे हैं। नेत्र सर्जन डॉ. हेमंत यादव ने बताया कि लंबे समय तक मोबाइल, किताबों या लैपटॉप देखने से रखने से आंखों पर दबाव बढ़ता है।
:: परीक्षा के दौरान छात्र अनियमित खानपान और कम नींद की समस्या से जूझ रहे हैं। कई छात्र भूख न लगने, कमजोरी और थकान की शिकायत लेकर आ रहे हैं। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और कम से कम छह से आठ घंटे की नींद बेहद जरूरी है। खाली पेट पढ़ाई करने से एकाग्रता पर असर पड़ता है। - डॉ. संजीव सिंह, फिजिशियन
:: परीक्षा को लेकर अत्यधिक तनाव और असफलता का डर छात्रों में चिंता बढ़ा रहा है। अभिभावकों को भी बच्चों पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए। नियमित दिनचर्या, हल्का व्यायाम और सकारात्मक सोच तनाव को कम करने में सहायक है। - डॉ. मालविका पांडेय, मनोरोग
:: परीक्षा के दौरान देर रात तक जागने और ठंडा-गर्म खाने की वजह से गले में खराश, सर्दी-जुकाम और संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। कई छात्र गले में दर्द और आवाज बैठने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। पढ़ाई के दौरान गला सूखने से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं। ठंडे पेय और जंक फूड से परहेज करें। - डॉ. पंकज तिवारी, ईएनटी
:: लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर पढ़ाई करने से गर्दन, पीठ और कंधों में दर्द की शिकायत बढ़ रही है। हर एक-दो घंटे में पांच से दस मिनट का ब्रेक लेकर हल्की स्ट्रेचिंग करना जरूरी है। सही बैठने की मुद्रा अपनाने से शारीरिक तकलीफों से बचा जा सकता है। - डॉ. दीपक द्विवेदी, फिजियोथेरेपिस्ट
अभिभावक क्या करें
- घर में शांत और खुशनुमा माहौल बनाए रखें।
- बच्चों को हेल्दी और पौष्टिक खाना दें।
- बच्चों के साथ दोस्ताना बर्ताव करें।
- बच्चे की आलोचना करने से बचें।
- किसी अन्य बच्चे से तुलना बिल्कुल न करें।
:: छात्रों से अपील की है कि परीक्षा को लेकर घबराएं नहीं। नियमित दिनचर्या, छह से आठ घंटे की नींद और संतुलित आहार अपनाएं। मोबाइल का सीमित उपयोग करें और बीच-बीच में ब्रेक लें। - डॉ. सुनील कुमार शुक्ला, सीएमएस
मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग की ओपीडी में छात्र की आंखों की जांच करते डॉ. हेमंत यादव। संवाद
मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग की ओपीडी में छात्र की आंखों की जांच करते डॉ. हेमंत यादव। संवाद
मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग की ओपीडी में छात्र की आंखों की जांच करते डॉ. हेमंत यादव। संवाद
मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग की ओपीडी में छात्र की आंखों की जांच करते डॉ. हेमंत यादव। संवाद