मंझनपुर। मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग में बुधवार को विश्व क्लबफुट दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि कॉलेज प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने केक काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि क्लबफुट एक ऐसी बीमारी है, जिसमें जन्म से ही बच्चे के पैर अंदर की तरफ मुड़े होते हैं। समय पर इस बीमारी का इलाज कराया जाए तो बच्चों को इस बीमारी से छुटकारा दिलाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि भारत में 1000 नवजात शिशुओं में एक को क्लबफुट प्रभावित करता है। यह लड़कों में ज्यादा पाया जाता है। इसका इलाज समय से न किए जाने या अधूरा इलाज छोड़ने से बच्चा आजीवन के लिए विकलांग हो सकता है।
आर्थोपेडिक्स डॉ. प्रांजल मिश्रा ने बताया कि क्लबफुट जन्मजात बीमारी है। इसी तरह अनुष्का फांउडेशन की प्रोग्राम मैनेजर ज्योति राव ने बताया कि अब तक कुल 88 क्लबफुट के मरीजों को चिह्नित कर उनका उपचार मेडिकल कॉलेज के सहयोग से किया जा रहा है। इस मौके पर सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला, डाॅ. मोहित कुमार पटेल, डाॅ. गौरव मेहदी रत्ता, डाॅ. विश्व प्रकाश, डाॅ. नरेन्द्र कुमार, डाॅ. विकेश दुबे आदि मौजूद रहें।