राजकीय विद्यालयों में छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत डीआईओएस कार्यालय ने महिला प्रशिक्षकों का चयन किया था। उद्देश्य था कि बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर महिलाएं ही सिखाएं, ताकि वे सहज होकर प्रशिक्षण ले सकें लेकिन हकीकत कुछ और ही सामने आई है। कई विद्यालयों में चयनित महिलाओं की जगह पुरुषों ने प्रशिक्षण दिया। अब दोबारा स्कूलों में प्रशिक्षण के लिए पुराने लोग प्रयास कर रहे हैं। मामले की शिकायत डीआईओएस से की गई है।
जिले में रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना का संचालन हो रहा है। इस योजना में बीते वर्ष तीन महिलाओं का चयन हुआ था। इन तीनों को विद्यालयों का आंवटन भी हुआ लेकिन इनके स्थान पर पुरुष प्रशिक्षणों ने प्रशिक्षण दिया। अंधावा के अजय कुमार समेत अन्य लोगों ने डीआईओएस कार्यालय में शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि महिला प्रशिक्षकों के नाम पर पुरुषों ने प्रशिक्षण दिया। इसका भुगतान महिलाओं के खाते में पहुंचा जिसे वापस ले लिया गया।
संवाद की टीम ने जीआईसी पूरबशरीरा व जीआईसी लोधन का पूरा में पड़ताल की तो वहां के शिक्षकों व छात्राओं ने पुरुषों से प्रशिक्षण लेने की बात कही। हालांकि, अब दोबारा प्रशिक्षकों का चयन प्रक्रिया चल रही है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस बार फिर से पुराने लोग प्रशिक्षण की जिम्मेदारी लेने का प्रयास कर रहे हैं।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि पूर्व में जिन लोगों का चयन हुआ था। उनके प्रशिक्षण का समय अब पूरा हो चुका है। इसका भौतिक सत्यापन कर पाना अब संभव नहीं है। इस बार ऐसा नहीं होने पाए, इसका ध्यान रखा जाएगा। विद्यालयों को भी इसके निर्देश दिए जाएंगे।