चायल। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) फॉर्म भरने में सबसे ज्यादा महिलाओं को परेशानी आ रही है। वह मायके के विधानसभा संख्या, भाग संख्या और माता व पिता के मतदाता क्रमांक के लिए परिजनों को फोन कर रही हैं। कम पढ़ी लिखी महिलाओं के आधे अधूरे फार्म से बीएलओ को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं होने पर प्रशासनिक दबाव और सर्वर प्रॉब्लम से कार्रवाई का डर सता रहा है।
चायल खंड शिक्षा कार्यालय में बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में महिला मतदाता अपना फॉर्म लेकर पहुंची। लेकिन 2003 के बाद शादी होने से एसआईआर फार्म भरने में परेशानी हो रही है। शिक्षिका रश्मि तारा ने बताया कि कम पढ़ी महिलाओं को फार्म भरने में परेशानी हो रही है। उनको अपने मायके विधान सभा संख्या, भाग संख्या और माता पिता के क्रमांक न मिलने से नाम काटने का डर सता रहा है।
बीएलओ आशुतोष शुक्ला ने बताया कि कई मतदाताओं ने फॉर्म तो ले लिए, लेकिन अब तक भरकर लौटाया नहीं है। घर जाने पर वह मिल भी नहीं रहे हैं। कोई मजदूरी पर चला गया है तो कोई शादी समारोह में चला गया है। ऐसे में एसआईआर में दिक्कत हो रही है। वहीं, कई भूमिहीन मतदाता परिवार के साथ अन्य प्रदेशों में मजदूरी करते हैं। ऐसे में उनके भी एसआईआर में परेशानी आ रही है।
उन्होंने मतदाताओं से अपील किया है कि वह जल्द से जल्द फार्म भर कर लौटा दें। ताकि उनका नाम मतदाता सूची में बना रहे। इस मौके पर शिक्षिका शालिनी श्रीवास्तव, सिंपी यादव, ममता श्रीवास्तव, धर्मेंद्र सिंह, मजहर लईक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।