मौके पर पहुंचे महेवाघाट इंस्पेक्टर रोशन लाल ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग जाम हटाने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि डीएम मौके पर आएं और पीड़ित परिवार को मुआवजा दें। इसके अलावा रामवन गमन पथ पर पड़ने वाले गरौली गांव में ब्रेकर बनाने की मांग की जा रही थी। पुलिस ने किसी तरह जाम समाप्त करा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंस्पेक्टर ने बताया कि वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सुमित्रा की साड़ी में फंसकर टूट गई थी नंबर प्लेट
सुमित्रा को टक्कर मारने वाली बोलेरो के नंबर प्लेट में उनकी साड़ी फंस गई थी। इससे कुछ दूरी तक सुमित्रा सड़क पर घिसटीं। नंबर प्लेट टूट जाने के बाद वह सड़क पर गिरीं और वाहन चालक गाड़ी सहित मौके से भाग निकला। पुलिस ने प्लेट पर लिखे नंबर को ट्रेस किया तो वह बोलेरो का निकला। इसी के आधार पर पुलिस ने मृतका के पति गणेश प्रसाद से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज किया है।
जाम में फंसे रहे मुसाफिर, गर्मी से हुए परेशान
मंझनपुर के साईं कॉलोनी निवासी नितिन श्रीवास्तव चित्रकूट में कामतानाथ का दर्शन करने जा रहे थे। जाम में वह फंसे रहे। कुछ देर तक कार का एसी चलाए रखा, लेकिन बाद में उसे बंद कर शीशा खोला गया तब जाकर राहत मिली। सरसवां के ट्रक चालक जाकिर अहम, शमीम अहमद, चित्रकूट के मुन्ना यादव और राहुल पाल भी अपने वाहनों के साथ जाम में फंसे रहे। सात बजे जाम समाप्त होने के बाद पुलिस ने वाहनों को निकलवाने में काफी मशक्कत की।