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आधार कार्ड न देने वाले पेंशनरों की पेंशन हुई बंद

Wed, 13 Jul 2016 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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प्रभारी डीएम ने बुधवार को मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले विकास कार्यों की बैठक के दौरान आधार कार्ड लिंक न कराने वाले पेंशनरों की पेंशन रोक दी। इसके अलावा उन्होंने फुंके ट्रांसफार्मरों को बदलने का फरमान बिजली विभाग के जिम्मेदारों को दिया। बैठक में उन्होंने बारी-बारी से सभी बिंदुओं की गहन समीक्षा की।
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प्रभारी डीएम ओम प्रकाश आर्य बुधवार को कलेक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागार में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले 39 बिंदुओं की समीक्षा बैठक ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने लोहिया समग्र गांवों के विद्युतीकरण की रिपोर्ट सही न होने पर नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक दशा में खराब ट्रांसफार्मर 72 घंटे के भीतर बदले जाने चाहिए। समाजवादी पेंशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने आधार कार्ड नंबर लिंक न कराने वाले पेंशनरों की पेंशन बंद करने का फरमान जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिया। चेतावनी दिया कि सप्ताह भर के भीतर लाभार्थी अपना-अपना आधार लिंक करा लें। इसके अलावा उन्होंने नवीन विद्यालयों, मॉडल स्कूलों सहित अन्य निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा कर जरूरी निर्देश मातहतों को दिए। इसके अलावा उन्होंने पौधरोपण, कृषि, बागवानी, कामधेनु, मिनी कामधेनु, पीडब्लूडी, कौशल विकास मिशन, राशन कार्डों के वितरण, आजीविका मिशन, लोहिया आवास आदि बिंदुओं की समीक्षा की।
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अफसरों ने गोद लिए गांवों की नहीं सौंपी रिपोर्ट
प्रभारी डीएम ओम प्रकाश आर्य ने बुधवार को जिला पोषण मिशन समिति की बैठक ली। इस दौरान पता चला कि गांवों को गोद ले चुके 57 अफसरों में 34 ने आज तक रिपोर्ट ही नहीं दी। इस पर उन्होंने संबंधित के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर की। प्रभारी जिलाधिकारी बुधवार को कलक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागार में जिला पोषण मिशन समिति की बैठक ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने गांवों में कुपोषित बच्चों के आंकड़ों की जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश मिश्र से मांगी। इस पर उन्होंने बताया कि गांवों को गोद लेने वाले 57 अफसरों में से 34 ने अभी तक रिपोर्ट मुहैया नहीं कराया।

इस पर प्रभारी डीएम ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि गांवों को गोद ले चुके अफसर सप्ताह में कम से कम एक दिन संबंधित गांव का भ्रमण कर पोषण मिशन का स्थलीय सत्यापन करें। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्य में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की समय-समय पर मदद लेने को कहा। बैठक में पोषण मिशन कार्यक्रम की मंडलीय कोआर्डिनेटर सुधा ने बताया कि योजना के तहत छह माह से छह साल तक के अति कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन 20 ग्राम घी, एक मौसमी फल दिया जाएगा। इसी तरह गर्भवती महिलाओं को दही और फल दिया जाएगा। बैठक में परियोजना निदेशक, डीएसटीओ और जिला समाज कल्याण अधिकारी समेत तमाम विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
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