भरवारी। मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ ही सर्दी का मेवा कहे जाने वाली मूंगफली की डिमांड बढ़ गई है। शहर में जगह जगह मूंगफली की बिक्री हो रही है। फिलहाल जनपद में प्रतिदिन 15 से 20 क्विंटल मूंगफली बिक रही हैं। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि सर्दी बढ़ने के साथ ही कारोबार में भी तेजी आएगी। मूंगफली का प्रतिदिन का कारोबार लाखों रुपये तक हो रहा हैं। मूंगफली की बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ लोग अन्य प्रदेशों से पहुंच कर यहां अस्थाई तौर पर स्टॉल लगाते हैं।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रवेश कुमार केसरवानी ने बताया कि इस बार मूंगफली का बाजार तो बढ़ा है लेकिन मंहगाई के चलते खरीद किलो दो किलो न होकर एक किलो व आधा किलो तक सिमट कर रह गई है। स्थानीय व्यापारी कानपुर, राजस्थान से मूंगफली की खरीददारी कर बाजारों में बिक्री कर रहे हैं। राजस्थान की मूंगफली मोटे दाने वाली होती है जिसे ग्राहक ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
हालांकि इस बार मूंगफली के दाम में पिछले साल के मुकाबले तेजी आई है। इस बार मूंगफली के दाम 120 रुपये से लेकर 160 रुपये किलो तक है। पिछले तीन चार दिनों में तेजी से सर्दी बढ़ी है। ऐसे में मूंगफली के ग्राहक भी बढ़ गए हैं।
मूंगफली के खेती को मिले बढ़ावा
जिले में उद्यान विभाग ध्यान दे तो स्थानीय किसान भी मूंगफली की खेती कर सकते हैं। पूर्व में जिले के कड़ा ब्लाॅक के हब्बुनगर सिपाह में मूंगफली की खेती होती थी। वहां की मूंगफली की अच्छी मांग बाजार में थी। लेकिन, उद्यान विभाग की निष्क्रियता के चलते खेती धीरे-धीरे बंद हो गई। हब्बूनगर के किसान रोशन सिंह की मानें तो करीब 19-20 साल पहले उनके खेत में मूंगफली तैयार होती थी। बाजार के अभाव में खेती बंद हो गई। वहीं, भरवारी कस्बे में मूंगफली की दुकान करने वाले मुन्ना ने बताया कि महंगाई के कारण ग्राहक कम ही मूंगफली ले रहे हैं।