जिले में शराब के शौकीनों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। खुद आबकारी विभाग के आंकड़े गवाह हैं कि शराब की दुकानें तो नहीं बढ़ीं, लेकिन सरकारी राजस्व में करीब दोगुना इजाफा हुआ है। वर्ष 2017 की आपेक्षा आबकारी विभाग को दिसंबर 2018 तक 21.8 करोड़ का ज्यादा राजस्व मिला है।
जिले में अंग्रेजी शराब की 44, बीयर की 34 व देशी शराब की 68 दुकानें हैं। जिले में दुकानों की संख्या पिछले दो साल से नहीं बढ़ी है। आबकारी विभाग के आंकड़ों की माने तो वर्ष 2017 में दिसंबर माह तक विभाग को 25.89 करोड़ का राजस्व मिला था। यह आंकड़ा दिसंबर 2018 में करीब दो गुना हो गया। वर्ष 2018 में जनवरी से लेकर दिसंबर माह तक आबकारी विभाग को 47.69 करोड़ का राजस्व मिला है। आबकारी विभाग के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि शराब की दुकानें तो नहीं बढ़ी लेकिन जिले में पीने वालों की संख्या में काफी तेजी से इजाफा हो रहा है। सरकारी राजस्व में लगातार तेजी से हो रहे इजाफे के चलते विभाग उत्साहित हैं।
अवैध शराब भी खूब गई पकड़ी
मंझनपुर। जिले में अवैध शराब की बिक्री भी खूब हो रही है। आए दिन पुलिस और आबकारी विभाग की टीम अवैध महुए की शराब बरामद करती रहती है। इसके अलावा पिपरी, सरायअकिल, कोखराज, करारी कोतवाली इलाके में गैर प्रांतों की शराब भी पकड़ी जा रही है।
जिले में शराब की दुकानों पर एक नजर
0 अंग्रेजी शराब - 44
0 बीयर - 34
0 देशी शराब - 68
शराब की दुकानों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। दुकानों के नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू है। वर्ष 2017 की आपेक्षा वर्ष 2018 में करीब 95 फीसद राजस्व बढ़ा है।
बीपी मनिक, जिला आबकारी अधिकारी