सरायअकिल कोतवाली के ऐगवां गांव में युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने युवक की मां की तहरीर पर आरोपी ससुर के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया है। लेकिन बहू ने तहरीर देकर सास पर विवेचना प्रभावित करने की आशंका जताई है। कहा कि वह हत्यारोपी के पक्ष में है। पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ऐगवां निवासी अंजनी तिवारी के बेटे सूरज उर्फ ननकुल ने पड़ोसी कामता तिवारी की बेटी प्रियंका से प्रेम विवाह किया था। ससुर शादी के खिलाफ थे। उन दोनों को जान से मारने की धमकी देते थे। इस चक्कर में ननकुल छत्तीसगढ़ में रहकर काम करने लगा था। कई साल बाद होली पर अकेले मां कुसमा से मिलने आया था। 12 मार्च को गांव पहुंचा तो कामता ने उसे गोली मार दी। चार दिन बाद प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद ननकुल के बड़े भाई नीरज ने अपनी मां पर भाई की हत्या कराने का आरोप लगाया था। कहा था कि उसकी मां और आरोपी कामता के बीच अवैध संबंध हैं। वह कई सालों से आरोपी के साथ रह रही है। उसने साजिश के तहत भाई को घर बुलवाकर मरवा दिया।
हालांकि, कुसुमा ने ही कामता तिवारी पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। लेकिन उसकी भूमिका पर परिवार वालों को संदेह है। बेटे के बाद बहू प्रियंका ने भी सोमवार को सास पर साजिश तहत पति को मरवाने का आरोप लगाया। पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सास ने केस जरूर दर्ज कराया है। लेकिन भविष्य में वह विवेचना प्रभावित कर आरोपी पिता कामता को सजा से बचा सकती है।
हत्यारोपी कामता अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह का कहना है कि मुकदमे की विवेचना में मृतक की पत्नी का भी बयान शामिल कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी के मवेशियों को चारा खिलाती रही ननकुल की मां
ननकुल को गोली मारने के बाद आरोपी कामता भाग निकला था। खेत में काम कर रहे बेटे हरिहर, भुंवर व गोलू को जानकारी हुई तो वे भी चुपचाप घर आए और ताला लगाकर भाग गए। आरोपी के मवेशी घर के बाहर ही बंधे रहे। मृतक की मां आरोपी के मवेशियों को सुबह-शाम चारा व पानी दे रही थी।
गांव में हुआ अंतिम संस्कार
ननकुल का शव रविवार की शाम गांव पहुंचा। तीनों भाइयों में गम और गुस्सा नजर आ रहा था। गांव में पुलिस फोर्स तैनात रही। रिश्तेदारों के आने के बाद दोपहर को शव का अंतिम संस्कार किया गया। ननकुल के भाई नीरज ने बताया कि वह एक बहन और चार भाइयों में सबसे बड़ा है। दो छोटे भाई जेलर व टेलर गांव में ही खेती करते हैं। बहन की शादी हो चुकी है।
अफसोस...खून देकर भी न बचा पाए
मृतक ननकुल के अंतिम संस्कार के वक्त कनैली चौकी इंचार्ज दिलीप सिंह पटेल की आंखों भी भर आईं। उन्होंने बताया कि घटना के बाद वह पहुंचे तो ननकुल का काफी खून बह गया था। पुलिसकर्मियों उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने यूनिट ब्लड की आवश्यकता जताई। उनके साथ सिपाही अंकुर तिवारी, रूपेंद्र यादव और वीरेश कुमार थे। सभी ने एक-एक यूनिट ब्लड दिया। दो दिन बाद चचेरे भाई छोटकू व अन्य लोगों से चार यूनिट ब्लड दिया। अफसोस है कि जान न बच सकी।