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सामाजिक कार्यकर्ता ने पुलिस से मांगी जानकारी डिप्टी सीएम केशव पर दर्ज गंभीर केस क्यों वापस लिए ?

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Why did the social worker ask the police to withdraw the serious case filed against Deputy CM Keshav? - फोटो : KAUSHAMBI
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प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों की वापसी लेकर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने जन सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी है। सामाजिक कार्यकर्ता ने पुलिस से पूछा है कि गंभीर आपराधिक मामलों की वापसी का औचित्य क्या है? हालांकि, बृहस्पतिवार को पुलिस की ओर से सूचना उपलब्ध करा दी गई है।
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एएसपी समर बहादुर ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ जिले में दर्ज आपराधिक मामलों की एक महीने पहले जन सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। डॉ. ठाकुर को पुलिस की ओर सेदी गई सूचना में बताया गया कि डिप्टी सीएम के खिलाफ जिले में आठ मामले दर्ज हैं। इनमें से एक मामले में वह अदालत से दोषमुक्त हो चुके हैं।
जबकि, एक मामले में पुलिस ने जांच में आरोप गलत पाया। दो मामले अदालत में लंबित हैं। जबकि चार मुकदमों को सरकार ने वापस ले लिया है। इसके बाद भी एक्टीविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर जवाब से संतुष्ट नहीं र्हुइं। उन्होंने दोबारा संशोधित सूचना मांगी। बृहस्पतिवार को सूचना उपलब्ध करा दी गई है। एएसपी के मुताबिक जिन मुकदमों की वापसी हुई है इनमें से ज्यादातर राजनीतिक कारणाें से दर्ज हैं।
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दो मुकदमों का नहीं मिला रिकार्ड
डिप्टी सीएम के खिलाफ पश्चिमशरीरा व कोखराज में दर्ज दो मामलों का रिकार्ड नहीं मिल सका। यह मुकदमे वर्ष 1996 में दर्ज कराए गए थे। उस दौरान जनपद प्रयागराज था। एएसपी का कहना है कि उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
हत्या के मामले में हुए थे दोषमुक्त
वर्ष 2011 में डिप्टी सीएम के खिलाफ सैनी कोतवाली में हत्या का एक केस दर्ज कराया गया था। विवेचना के दौरान पता चला कि उनका घटना से कोई लेना-देना नहीं था। बाद में कोर्ट ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया था।
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