जनपद में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के तहत 30 मार्च से गेहूं की खरीद शुरू हो गई है, जो 15 जून तक चलेगी। खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए क्रय एजेंसी प्रभारियों और क्रय केंद्र प्रभारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें गेहूं क्रय नीति 2026-27 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यशाला की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शालिनी प्रभाकर ने की।
उन्होंने बताया कि रविवार और राजकीय अवकाश को छोड़कर सभी कार्यदिवसों में क्रय केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। स्थानीय अवकाश और द्वितीय शनिवार को भी क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे। खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले सभी किसान, पंजीकृत ट्रस्ट और बटाईदार किसानों से भी गेहूं की खरीद की जाएगी। किसानों का पंजीकरण भूलेख, आधार संख्या और एग्रीस्टैक पोर्टल के डाटा के आधार पर सत्यापित किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि महिला, वृद्ध और दिव्यांग किसानों को तौल में प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं 60 क्विंटल या उससे कम उपज वाले लघु एवं सीमांत किसानों को गेहूं बिक्री में वरीयता दी जाएगी। गेहूं का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से बैंक खाता सत्यापन के बाद अधिकतम 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में भेजा जाएगा। उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया कि प्रतिदिन सुबह 9 बजे तक केंद्र पर पहुंचकर ई-पॉप मशीन से बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करें और किसानों के लिए पेयजल, बैठने सहित अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करें। कार्यशाला में जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुधांशु शेखर चौबे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।