फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौसम का मिजाज देख खेती करें किसान

Sun, 21 Jun 2015 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, काैश्ाांबी
विज्ञापन
विज्ञापन
मंझनपुर। मौसम और खेती का रिश्ता अहम है। दुनिया में जारी जलवायु परिवर्तन ने खेती को प्रभावित किया है। ऐसे में जरूरत है कि किसान मौसम का मिजाज देखकर फसल उगाएं। यह बातें शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित प्री-खरीफ गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने कही। इस दौरान किसानों से फूलों की खेती और जैविक कृषि अपनाने की भी सीख दी गई। वहीं खेती को स्वरोजगार का माध्यम बनाने का भी आह्वान किया गया।
विज्ञापन


भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निर्देशन में शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से मंझनपुर ब्लाक परिसर में गोष्ठी का आयोजन किया गया था। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि रहे सांसद विनोद सोनकर ने किया। उन्होंने किसानों से समय के साथ खेती में बदलाव की बात कही। धान, अरहर, उरद के साथ फूलों और मसालों की फसलें वैज्ञानिक तरीकों से उगाने पर जोर दिया। कहाकि किसानों को खेती के साथ स्वरोजगार से भी जुड़ने की जरूरत है। तभी वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। इससे पहले गोष्ठी में जुटे किसानों को कृषि वैज्ञानिकों ने खेती से संबंधित तमाम जानकारियां दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ अजय कुमार ने बताया कि खेती और मौसम का रिश्ता चोली-दामन वाला है। कहाकि दुनिया में जलवायु परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

ऐसे में किसानों को मौसम का मिजाज भांपते रहने की जरूरत है। उसी के हिसाब से वे फसलें उगाएं। गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने रासायनिक खादों के बजाय देशी और जैविक खाद के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। सीडीओ धीरेंद्र सिंह सचान ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सलाह दी। उप कृषि निदेशक सत्येंद्र सिंह ने किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। वहीं गोष्ठी में खाद, बीज, कृषि उपकरण, मिट्टी की जांच आदि से संबंधित प्रदर्शनियां भी लगाई गई थी। स्टालों पर घूम-घूमकर किसानों ने उन्नति किस्म और नई प्रजातियों के बीज, आधुनिक कृषि उपकरणों और उसमें मिलने वाली सब्सिडी आदि की जानकारी हासिल की। इस मौके पर जिला उद्यान अधिकारी रामसिंह यादव, अग्रणी बैंक के जिला प्रबंधक दिनेश मिश्रा, कृषि प्रसार निदेशक डॉ विल्सन किसपेट्टा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ एसपी पांडेय, जिला मत्स्य अधिकारी पारसनाथ सिंह, आत्मा के उप परियोजना निदेशक इंदिरा कांत पांडेय, सुनील कुमार श्रीवास्तव, डॉ. नवीन कुमार शर्मा, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. एमपी पांडेय, जीतेंद्र प्रताप सिंह, वीके मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें