हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनी कुंड बैराज से सोमवार को 2,38,751 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जिले में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने इसे देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है और संबंधित कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
जिले में 45 दिनों में गंगा-यमुना के जलस्तर में कुछ कमी आई थी, लेकिन फिर से पानी छोड़े जाने के बाद तराई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। अनुमान है कि यह पानी चार से पांच दिन में जिले की सीमा तक पहुंचेगा।
उधर, गंगा नदी में भी कानपुर बैराज से 3.77 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे दो से तीन दिन में जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जिले में अब तक यमुना नदी के चार बार जलस्तर बढ़ने से मंझनपुर तहसील के बडहरी, पभोषा, भवनसुरी, चकपिपरहटा समेत 11 गांव प्रभावित हो चुके हैं। तराई क्षेत्र की करीब दस हजार बीघा फसल जलमग्न होकर खराब हो गई है। इसका प्रशासन सर्वे करवा रहा है। फिलहाल जिले में जलस्तर स्थिर है लेकिन प्रशासन ने लेखपालों और ग्राम प्रधानों को अलर्ट करते हुए रोजाना रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। तहसीलदार मंझनपुर सिद्धांत कुमार ने बताया कि बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी कर ली गई है।