कौशाम्बी ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को आकांक्षाी ब्लॉक होने की वजह से विशेष दर्जा मिला है। यहां पर आठ डॉक्टर और 35 से 40 पैरामेडिकल कर्मचारी तैनात रहते हैं। रोजाना 200 से अधिक मरीज आते हैं लेकिन अस्पताल में समय पर डॉक्टरों की मौजूदगी न होने पर उन्हें निराश होना पड़ता है।
क्षेत्र के धर्मपाल, रामचंद्र, राम धीरज, कृष्ण कुमार और अजय का कहना है कि लोग 6 से 10 किलोमीटर पैदल या अन्य साधनों से यहां पहुंचते हैं। डॉक्टर न मिलने पर उन्हें मजबूरी में प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
लोगों की इन समस्याओं को लेकर बुधवार सुबह करीब 10:45 बजे संवाद टीम अस्पताल पहुंची तो पड़ताल के दाैरान ओपीडी हॉल में दर्जनों मरीज जमीन पर बैठे डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे।
भखंदा गांव के मैकूलाल ने बताया कि वह 10 किलोमीटर दूर से आया है, उसे बुखार और शरीर दर्द की समस्या है लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। इसी तरह दिया उपरहार गांव के रोशन लाल ने कहा कि पेट दर्द और चक्कर की समस्या के बावजूद वह घंटों से डॉक्टर का इंतजार कर रहा है। मरीजों का आरोप है कि अस्पताल में दवाएं भी पूरी तरह नहीं मिलतीं। डॉक्टर पांच दवाएं लिखते हैं तो केवल दो-तीन ही दी जाती हैं। शिकायत करने पर ही बाकी दवाएं मिलती हैं। वहीं कर्मचारियों का कहना था कि दो डॉक्टर आ चुके हैं, किसी काम से बाहर गए हैं और जल्द लौट आएंगे।
बिना इलाज के मायूस होकर लौटे मरीज
सीएचसी में समय से डॉक्टरों के न पहुंचने से मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बुधवार सुबह अस्पताल पहुंचे जगन्नाथपुर निवासी बड़ेलाल ने बताया कि उन्हें पेट दर्द की समस्या है और टीबी की भी जांच कराई थी लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण इलाज नहीं हो पा रहा। इसी तरह मढ़ी गांव के राम सिंह ने बताया कि वह दांत दर्द से लंबे समय से परेशान हैं। कई बार अस्पताल आ चुके हैं लेकिन अब तक डॉक्टर से मुलाकात नहीं हो पाई। मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों के समय पर न मिलने से उन्हें काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को गांवों में टीकाकरण कार्यक्रम चलता है। इस कारण डॉक्टर और कई कर्मचारी भ्रमण पर निकले हैं। फिर भी यदि समय से डॉक्टर मौजूद नहीं रहे तो इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
- डॉ. मुक्तेश द्विवेदी, सीएचसी अधीक्षक