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आंधी का कहर, सैकड़ों गांवों की बत्ती गुल

Tue, 30 May 2017 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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कौशाम्बी
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 रविवार रात चली तेज आंधी का कहर विद्युत लाइन पर बरपा। आंधी के चलते जिले के सैकड़ों गांवों की बत्ती रात में ही गुल हो गई। दूसरे दिन सुबह से बिजली विभाग के जिम्मेदार लाइन की खराबी दूर करने में जुट गए। रात से ही बिजली गुल होने पर पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति नहीं हो सकी। इससे संबंधित गांवों के लोगों को बूंद-बूंद पानी के संकट से जूझना पड़ा। आंधी और बारिश के चलते आम के फल पकने से पहले झड़ गए तो केले की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है।
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 रविवार आधी रात के बाद मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया। तेज रफ्तार से आई आंधी का कहर जिले भर की विद्युत लाइन पर बरपा। आंधी के आते ही ढीली तारें आपस में टकराकर गिर गई तो कुछ जगहों पर फ्यूज उड़ गया। यह हाल जिले के मनौरी, भरवारी व सिराथू सब स्टेशन से जुड़े उपकेंद्रों के सभी लगभग सौ गांवों में रहा। आंधी के साथ गरज के साथ जिले भर में कहीं कम कहीं ज्यादा बारिश भी हुई। इससे लोगों को गर्मी से निजात भी मिली। रात से कटी बिजली आपूर्ति के चलते म्योहर, सैनी, सहित पेयजल पाइप लाइन की जलापूर्ति के सहारे रहने वाले लोगों को बूंद-बूंद पानी के संकट से जूझ़ना पड़ा। बिजली के अलावा आंधी का कहर फलों से लदे आम व केले के पेड़ों पर बरपा। फलों के वजन को संभाले हुए आम के कई पेड़ जमीदोज हो गए। यही हाल केले के पेड़ों का भी रहा। तेज हवाओं के चलते हाल में सींचे गए केले के पेड़ भी खेतों में पलट गए। सुबह खेत पहुंचने पर किसानों व बागवानों ने आंधी के कहर का नजारा देखा तो उनका कलेजा सूख गया।

गांव के बाहर मिले घरों से उड़े छप्पर और टीनशेड
रविवार को आधी रात के बाद आई तेज आंधी और बारिश ने लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया। घरों में डाले गए छप्पर व टीनशेड तेज हवाओं के साथ उड़कर गांव के बाहर पहुंच गए। सुबह घरों व दरवाजे पर पड़े छप्पर व टीनशेड की लोगों ने खोजबीन शुरू की तो गांव के बाहर मिले। टीनशेड तो किसी तरह दोबारा काम में आ जाएगा पर छप्पर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। नुकसान को लेकर लोग हैरान परेशान रहे।
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ईंट व्यवसाइयों का हुआ भारी नुकसान
रविवार रात आंधी के साथ हुई तेज बारिश ने ईंट कारोबारियों को भारी नुकसान पहुंचाया। ईंट भट्ठों पर पकने के लिए पथाई कर रखी गई कच्ची ईंट बारिश के चलते या तो नष्ट हो गई या फिर बूंदीमार हो गई। इससे ईंट भट्ठा मालिकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
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