सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू में आशा बहुओं को जानकारी देते डॉक्टर। संवाद
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिराथू में शुक्रवार को अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने आशा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संस्थागत प्रसव की समीक्षा की। उन्होंने 25 आशा कार्यकर्ताओं पर नाराजगी जताई और गर्भवती महिलाओं का प्रसव निजी अस्पतालों में कराने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी।
बैठक में अधीक्षक ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, टीकाकरण और सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराना है। इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।
डॉ. तिवारी ने बताया कि सिराथू ब्लॉक की लगभग तीन लाख आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए करीब 300 आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं। उन्होंने सभी को अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने के निर्देश दिए।