जिले की तीन विधानसभा सीटों पर सुबह दनादन मतदान हुआ। युवा, बुजुर्ग, महिलाओं की लंबी लाइन बूथों पर लगी रही। एक बजे तक मतदाताओं में मतदान को लेकर खासा उत्साह दिखा। दोपहर बाद बूथों में सन्नाटा छाने लगा। समय के साथ मतदाताओं की चाल बदलती रही। दो बजे के बाद बूथों में वीरानगी छाने लगी तो फिर बूथ गुलजार नहीं हो सके। सामान्य व मॉडल बूथ की यही हालत रही। वोट प्रतिशत ने प्रशासन के हर उस दावे की धज्जी उड़ा दी, जिसके बूते कहा जा रहा था कि कौशाम्बी वोटिंग में नया कीर्तिमान लिखेगा।
मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र के जिला मुख्यालय में स्थित आदर्श बूथ पर सुबह करीब आठ बजे मतदाताओं की लाइन लगी थी। बारातियों की तरह यहां मतदाताओं का स्वागत हुआ। महिला व पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगी थी। सुबह का माहौल बता रहा था कि मतदाताओं ने मतदान के लिए उत्साह दिखाया है। करीब एक बजे तक बूथों पर मतदाताओं की भीड़ दिखी। सरायअकिल के आदर्श इंटर कालेज में मतदाताओं का रेला था। युवा, बुजुर्ग व महिलाएं वोट डालने के लिए अपने घरों से निकली थीं। दोपहर करीब पौने दो बजे सिराथू के देवीगंज प्रथम व मरधरा में एकदम सन्नाटा पसर चुका था। इक्का-दुक्का मतदाता ही आ-जा रहे थे। यहां तैनात सुरक्षा कर्मी और पीठासीन अधिकारी समेत अन्य मतदान अधिकारी ऊंघ रहे थे। यही हाल दोपहर बाद अधिकांश बूथों का रहा। मरदानपुर बर्जी में भी 48 फीसदी वोटिंग के बाद सुस्ती आ गई थी। दोपहर करीब तीन बजे 52 फीसदी वोट पड़ चुका था।
लोगों का अनुमान था कि शाम पांच बजे तक यह आंकड़ा 65 फीसदी पार कर जाएगा, लेकिन दोपहर बाद लोगों ने बूथ से मुंह मोड़ लिया। युवाओं ने मतदाताओं को बूथों तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन खेत-खलिहान और अपने निजी कामाें को लोगों ने मतदान से ज्यादा तरजीह दी। यही कारण था कि आखिरी वक्त मतदान का प्रतिशत 60 फीसदी के करीब आकर अटक गया। इसे आंकड़ें ने प्रशासन को भी चौंकाया है।