मतगणना की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। शनिवार को मतगणना परिणाम आएगा। कौन जीतेगा और कौन हारेगा? मतदान बाद इसकी एक बार फिर चर्चा तेज हो चुकी है। वोटों के गुणा-गणित के आधार पर राजनीतिक दलों के समर्थक एक दूसरे को हरा रहे हैं। वहीं राजनीतिक दलों के कद्दावर नेता फिलहाल अपनी ही जीत का दावा ठोंक रहे हैं।
जिले की तीन विधानसभा सीटों पर 23 फरवरी को मतदान हुआ था। मतदान के बाद राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों की हार जीत को लेकर तमाम तरह की आंकड़ेबाजी लोगों ने शुरू कर दी थी, लेकिन समय बीतते ही चर्चा धीमी पड़ गई थी और लोग अपने-अपने काम-धंधे की ओर बढ़ गए थे। शनिवार को मतगणना होगी। परिणाम किसके पक्ष में रहेगा और किसके पक्ष में नहीं। इसको लेकर एक बार फिर नए सिरे से कयासबाजी शुरू हो गई है। अप्रत्याशित परिणाम आने की संभावना लोग देख रहे हैं।
मंझनपुर, चायल और सिराथू मेें चाय-पान की दुकानों में चुनावी चर्चा एक बार फिर तेज हो चुकी है। अपने-अपने तर्कों के साथ लोग अपनी बात रख रहे हैं और जिसके समर्थक हैं, उसकी जीत का दावा कर रहे हैं। सोशल मीडिया में समर्थकों ने जीत ही तय कर दी है। प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद है। शनिवार को ही इसका फैसला होगा कि जीत का सेहरा किसके सिर बांधा जाएगा। बसपा जिलाध्यक्ष हरीलाल बौद्ध ने तीनों सीटों पर अपनी जीत पक्की बताई है। वहीं सपा जिलाध्यक्ष खड्ग सिंह पटेल का कहना है कि सपा-कांग्रेस गठबंधन का लाभ मिला है। इस बार सपा-कांग्रेस गठबंधन तीनों सीट जीतेगा। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम चौधरी का कहना है कि परिवर्तन की लहर चली है। भाजपा तीनों सीट जीत रही है। बसपा व सपा दूसरे व तीसरे स्थान पर रहेंगी।