मंझनपुर। वाहन के वीआईपी नंबर के लिए अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। क्योंकि अब ई-नीलामी से नंबरों का आवंटन किया जाएगा। इसके लिए वाहन स्वामी को बोली लगानी होगी। सबसे अधिक बोली लगाने वाले को ही उसका पसंदीदा पंजीकरण नंबर मिलेगा।
वाहन पर पसंदीदा नंबरों का क्रेज आज भी लोगों में है। इसके लिए पहले लोगों को नंबर की प्री-बुकिंग करानी पड़ती थी। जो पहले बुंकिंग करा देता था उसे ही नंबर आवंटित कर दिया जाता था। अन्य लोगों को मायूस होना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। शासन ने अब नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत बुकिंग के बाद भी दूसरा व्यक्ति अपने पसंदीदा नंबर के लिए दावेदारी कर सकेगा। बस उसे इसके लिए थोड़ी अधिक कीमत चुकानी होगी। इसी तरह जो सबसे अधिक बोली लगाएगा। उसे नंबर आवंटित कर दिया जाएगा।
इतना ही नहीं नंबर की बुकिंग से पहले 30 फीसदी धनराशि ऑनलाइन जमा करनी होगी। नीलामी में नंबर आवंटित होने के बाद कोई अपने वाहन का पंजीकरण नहीं कराता है तो उसकी धनराशि जब्त हो जाएगी। इसके विपरीत कम बोली के चलते नंबर आवंटित नहीं होने पर जमा की गई 30 फीसदी रकम संबंधित के बैंक खाते में वापस कर दी जाएगी। नई सीरीज की शुरुआत के साथ ही यह प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। अब तक स्पेशल नंबरों के लिए तीन, छह, साढ़े सात व 15 हजार रुपये निर्धारित था। इस प्रक्रिया में धनराशि की कोई सीमा नहीं है। जितनी ज्यादा बोली होगी। उतनी अधिक धनराशि में नंबर मिलेगा। वहीं एआरटीओ का कहना है कि नई सीरीज प्रारंभ होने के साथ ही ई-नीलामी शुरू कर दी जाएगी। कोई भी स्पेशल नंबर अब बोली लगाने पर ही मिलेगा।